टीईटी परीक्षा देकर एमजी कॉलेज से निकलते परीक्षार्थी। संवाद
- फोटो : टीईटी परीक्षा देकर एमजी कॉलेज से निकलते परीक्षार्थी। संवाद
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के तीसरे और अंतिम दिन जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य बताया, लेकिन उमस के साथ गणित के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को परेशान कर दिया। अधिकांश परीक्षार्थियों ने कहा कि गणित में अधिक समय लगने से समय प्रबंधन प्रभावित हुआ, जबकि बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के कुछ प्रश्नों ने भी उलझन पैदा की।
जिले में गोपीनाथ इंटर कॉलेज, एसआरके इंटर कॉलेज, दाऊदयाल इंटर कॉलेज और एमजी गर्ल्स कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। कुल 1,920 परीक्षार्थियों में से 1,763 ने परीक्षा दी, जबकि 157 अनुपस्थित रहे। जिला परीक्षा प्रबंधक डॉ. संध्या द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुई। किसी भी केंद्र पर कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए नहीं पकड़ा गया।
परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के बीच सबसे अधिक चर्चा गणित के प्रश्नपत्र को लेकर रही। 17 साल परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने के बाद भी कई गुरुजी परीक्षा में अटके नजर आए। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि गणित के सवाल अपेक्षा से अधिक कठिन थे और उन्हें हल करने में काफी समय लगा। वहीं बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के कुछ प्रश्न अवधारणात्मक होने के कारण सोच-समझकर उत्तर देने पड़े।
अभ्यर्थी बोले
- प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य था, लेकिन गणित ने काफी परेशान किया। समय का संतुलन बनाना आसान नहीं था।
देवेश सिंह, अभ्यर्थी
- अन्य विषय अपेक्षाकृत आसान रहे, लेकिन गणित के सवालों में काफी समय लग गया। कई प्रश्न ऐसे थे, जिन्हें दोबारा पढ़कर समझना पड़ा।
रविंद्र कुमार, अभ्यर्थी
- पेपर संतुलित था, लेकिन गणित के कारण समय कम पड़ गया। यदि कुछ और समय मिलता तो प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था।
अतीत कुमार, अभ्यर्थी