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यूपी बोर्ड: अखिर परीक्षार्थियों के फोटो अपलोड़ करने से क्यों बच रहे स्कूल

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फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा का समय नजदीक आ रहा है। परीक्षा केंद्र फाइनल हो चुके हैं। कॉलेजों में परीक्षार्थियों का आवंटन भी हो चुका है। लेकिन चेतावनी के बाद भी कई स्कूल संचालक परीक्षार्थियों के फोटो बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर रहे हैं। करीब 699 परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिनके फोटो कॉलेज संचालकों ने बोर्ड को नहीं भेजे हैं। जबकि बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र जारी नहीं होंगे। यह विद्यार्थी बोर्ड और विभाग की नजर में संदिग्ध माने जा रहे हैं। डीआईओएस ने सोमवार तक सभी विद्यार्थियों के फोटो अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है। इसके बाद यह परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
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वर्ष-2022 में हाईस्कूल में 42254 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। जबकि इंटरमीडिएट में 38418 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए 119 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी हो चुकी है। अब परीक्षा कार्यक्रम के बाद प्रवेश पत्र भी जारी होना है। बोर्ड ने जनपद के 1511 विद्यार्थी की सूची जारी की थी। जिनके फार्म पर फोटो चस्पा नहीं है। यदि किसी पर चस्पा भी है, वह फोटो अत्यधिक धुंधला हैं। इसमें हाईस्कूल के 758 और इंटरमीडिएट 753 विद्यार्थी हैं।
बोर्ड की ओर से जारी अंतिम तिथि के बाद भी हाईस्कूल के 337 और इंटरमीडिएट के 362 परीक्षार्थी यानि कुल 699 परीक्षार्थियों के फोटो अपलोड करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। क्योंकि बीते सालों में फोटो धुंधला या फोटो बोर्ड की सूची में न आने का फायदा फर्जी परीक्षार्थी उठा चुके हैं। फर्जीवाड़ा न हो सके, इसलिए बोर्ड भी सख्त बना हुआ है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन परीक्षार्थियों के फोटो धुंधले होंगे या नहीं होंगे। उन्हें किसी भी कीमत पर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
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डीआईओएस बालमुकुंद प्रसाद ने बताया कि स्कूल संचालकों को अंतिम चेतावनी है कि वह सात मार्च तक फोटो अपलोड कर दें। अन्यथा परीक्षा से कोई भी परीक्षार्थी वंचित होगा तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। विभाग भी उन स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ा कदम उठाएगा।
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