फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं को पैदल और स्कूटी से संकलन केंद्र तक लाए जाने की खबर अमर उजाला ने 22 फरवरी के अंक में प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। खबर का संज्ञान लेते हुए डीआईओएस पत्र जारी कर सभी केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक उत्तरपुस्तिकाओं का परिवहन केवल पुलिस अभिरक्षा में और सुरक्षित तरीके से किया जाए।
कॉपियों को पैदल, साइकिल और स्कूटी से लाए जाने तथा पुलिस सुरक्षा के अभाव की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे। खबर प्रकाशित होते ही विभाग ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बिना पुलिस सुरक्षा और निर्धारित वाहन के उत्तरपुस्तिकाएं संकलन केंद्र न भेजी जाएं। इसके बाद डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को चेतावनी दी है कि यदि कॉपियों की ढुलाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित विद्यालय के केंद्र व्यवस्थापक या प्रधानाचार्य के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे विद्यालय को भविष्य में परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की संस्तुति भी की जाएगी।
नकल की नहीं बनी व्यवस्था, 5679 ने छोड़ी यूपी बोर्ड परीक्षा
फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा में सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। चार दिनों में कुल 5679 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इनमें हाईस्कूल के 3134 और इंटरमीडिएट के 2545 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। दो नकलची पकड़े भी जा चुके हैं।
जनपद में इस वर्ष हाईस्कूल के लिए 36,343 तथा इंटरमीडिएट के लिए 33,749 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। 18 फरवरी से शुरू हुई परीक्षाओं में अब तक हिंदी और अंग्रेजी विषय के पेपर हो चुके हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम से भी लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। नकल रोकने की सख्ती का परिणाम है कि जिले में 5679 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा को छोड़ दिया है।
- परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराई जा रही है। सख्ती के कारण ही बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने की बात सामने आ रही है। - धीरेंद्र यादव, डीआईओएस फिरोजाबाद