फिरोजाबाद। जलेसर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को बिजली नहीं थी। एक जनरेटर भी खराब था। शुक्रवार को विद्युत विभाग की टीम ने फॉल्ट ठीक कर दिया था।
कॉलेज परिसर की घास की सफाई कराने के बाद जनरेटर कक्ष में दो सफाईकर्मियों से बिजली उपकरण पर पेंट कराया जा रहा था। तभी दोनों करंट लगने से झुलस गए। आनन-फानन में सरकारी ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया। परिजन ने हंगामा काटकर सुपरवाइजर पर मनमाने ढंग से काम कराने का आरोप लगाया है।
थाना उत्तर के कौशल्या नगर निवासी दीपक कुमार और थाना नारखी के पचवान कॉलोनी निवासी राधेश्याम मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मी हैं। कॉलेज परिसर स्थित बिजली कक्ष में खराबी आने से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे से कॉलेज परिसर में बिजली नहीं थी। एक जनरेटर भी खराब था। शुक्रवार सुबह विद्युत विभाग की टीम ने फाल्ट को ठीक किया था। उसके बाद आसपास घास की सफाई करने के बाद जनरेटर कक्ष में इन दोनों सफाई कर्मियों से बिजली उपकरण पर एक खास तरह का पेंट कराया जा रहा था।
इस बीच बिजली तारों में स्पार्किंग होने से ये दोनों झुलस गए, करंट लगने की बात भी बताई गई है। घटना होते ही सनसनी फैल गई। दोनों को ट्राॅमा सेंटर भिजवाया गया। वहां डाॅक्टरों की टीम बुला ली गई। झुलसे लोगों में राधेश्याम की हालत गंभीर थी। घटना की जानकारी पर दोनों सफाईकर्मियाें के परिजन ट्राॅमा सेंटर में आकर हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि सुपरवाइजर सफाई कर्मियों से हर तरह का काम कराता है। पेंट करना सफाई कर्मियों का काम नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियाें ने समझा कर हंगामा शांत कराया।
परिवार की संगीता ने बताया कि इसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की लापरवाही है। सफाईकर्मियों का काम सफाई का है न कि बिजली और कलर करने का। प्राचार्य डाॅ. योगेश गोयल ने बताया कि स्पार्किंग होने से दोनों लोग झुलसे हैं।