सरकारी ब्लड बैंक से खून के बदले खून लेने पर दी जाने वाली प्रोसेसिंग फीस बढ़ा दी गई है। प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब पहले की अपेक्षा ढाई गुना अधिक प्रोसेसिंग फीस जमा करने के बाद ही ब्लड बैंक से रक्त मिलेगा।
प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों में आवश्यकता पड़ने पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके लिए डोनर होना जरूरी है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद चार सौ रुपये प्रोसेसिंग शुल्क लिए जाने का प्रावधान है। अब इस शुल्क में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। अब प्राइवेट चिकित्सालयों में भर्ती रोगियों को 1050 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। इस संबंध में शासन की सचिव ने निर्देश जारी दिए हैं। सभी राजकीय चिकित्सालयों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों, सीएमओ और समस्त रक्त कोष प्रभोरियों को भी निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। बढ़ी प्रोसेसिंग रेट तत्काल प्रभाव से जमा कराने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. नवीन जैन ने बताया कि शासन के निर्देश मिल गए हैं। अब इसी आधार पर प्रोसेसिंग फीस जमा कराई जाएगी।
पहले भी बढे़ रेट, फिर घटे थे
पहले भी प्रोसेसिंग चार्ज बढ़ा दिया गया था। इससे ज्यादातर जरूरतमंद लोग प्राइवेट ब्लड बैंक से रक्त की पूर्ति कर लेते थे। सरकारी अस्पताल में ब्लड बैंक से रक्त नहीं जाने से उपलब्ध रक्त भी खराब स्थिति में पहुंचने की आशंका बढ़ जाती थी। इस कारण शासन ने बढ़ी दरों को पुन: वापस लिया गया था।