घने कोहरे ने शताब्दी, राजधानी जैसी ट्रेनों को फाग स्पीड 30 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा में चलने पर मजबूर कर दिया है। स्पीड पर नियंत्रण के रेलवे के सख्त आदेश हैं। इससे दर्जनों ट्रेनें चार से 12 घंटे लेट चल रहीं हैं। कई ट्रेनें 30 से 38 घंटे लेट हैं। यात्री प्लेटफार्मों पर ट्रेन के इंतजार में बेहाल हैं। ठंड में बीमार हो रहे हैं। नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस भी
बुधवार सायं से शुरू हुए घने कोहरे से ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से बिगड़ गया है। अप व डाउन की सभी राजधानी 10 से 12 घंटे देरी से चल रहीं थीं। नई दिल्ली - लखनऊ शताब्दी एक्स. चार घंटे देरी से पहुंची। गरीब रथ 38 व लिच्छवी 30 घंटे देरी से चल रही थी। कई ट्रेनों को फुटबैक लेकर चलाया गया। चालकों को ओवर सूट का डर बना हुआ है। ट्रेनों के देरी से पहुंचने पर रेल यात्रियों को सर्दी के मौसम में कोहरे से प्लेटफार्म गीले हो गये। यात्रियों को खड़े होकर ही समय गुजारना पड़ा। तमाम यात्रियों ने यात्रा रद्द कर दी। प्लेटफार्म नंबर पांच पर टिन शेड न होने के कारण रेल यात्रियों को कोहरे में घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। इससे कई रेलयात्री सर्दी की चपेट में आ गये।
चार से 38 घंटे देरी से चलने वाली ट्रेनें
हावड़ा-नई दिल्ली , सियादाह-नई दिल्ली, और पटना-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के अलावा पूर्वा, रीवा, मगध, स्वतंत्रता सेनानी , संपर्क क्रांति , पारसनाथ , जनसाधारण , गोवाहाटी , अनन्या , नॉर्थईस्ट , स्वर्ण जयंती, हावड़ा-नई दिल्ली , जोधपुर-हावड़ा , कालका मेल, फरक्का एक्सप्रेस, अवध , संगम, ऊंचाहार , पुरषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, शिवगंगा एक्सप्रेस, झारखंड , गोरखधाम , जियारत , मरुधर , कैफियत , वैशाली एक्सप्रेस सहित अप व डाउन की करीब 100 ट्रेनें चार से 38 घंटे देरी से चल रहीं थीं।