टूंडला। लगातार पड़ रहा घना कोहरा रेल संचालन पर खासा असर डाल रहा है। कोहरे ने ट्रेनों को रेंगने पर मजबूर कर दिया है। शुक्रवार को ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 12 घंटे तक देरी से चलीं। वहीं देरी से चलने वाली तीन ट्रेनों को रेल प्रशासन ने रद्द कर दिया। ठंडी हवा के बीच रेलयात्री स्टेशन पर लंबे समय तक बैठे रहने से बीमार हो रहे हैं।
कोहरे के चलते रेल संचालन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। घने कोहरे में लोको पायलट ट्रेनों को फॉग स्पीड के नियमानुसार चला रहे हैं। इसके चलते ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई-कई घंटे देरी से चल रहीं हैं। शुक्रवार को रेल प्रशासन ने देरी से चल रहीं अप की गरीब रथ एक्सप्रेस और डाउन की नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस एवं महानंदा एक्सप्रेस को रद्द कर दिया। ट्रेनों के रद्द होने से लोकल यात्रियों ने सड़क का रुख किया। वहीं लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने दूसरी ट्रेनों से बिना रिजर्वेशन के ही यात्रा को पूरी की।
अप की देरी से चलने वाली ट्रेनें-
पूर्वा एक्सप्रेस सात घंटे, अवध एक्सप्रेस छह घंटे, मरुधर एक्सप्रेस तीन घंटे, नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह घंटे, मगध एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, अनन्या एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, अमृत भारत एक्सप्रेस साढे चार घंटे, कानपुर सेंट्रल-अलीगढ़ फास्ट मेमू चार घंटे, नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस चार घंटे, गोमती एक्सप्रेस तीन घंटे, पारसनाथ एक्सप्रेस तीन घंटे, नंदन कानन एक्सप्रेस पांच घंटे, महानंदा एक्सप्रेस ढाई घंटे, मूरी एक्सप्रेस दो घंटे, नेताजी एक्सप्रेस दो घंटे, गुवाहाटी-बाड़मेर एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, अजमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, कालिंदी एक्सप्रेस 12 घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस छह घंटे, बह्मपुत्र मेल ढाई घंटे, देहरादून एक्सप्रेस ढाई घंटे, वैशाली एक्सप्रेस पांच घंटे।
डाउन की देरी से चलने वाली ट्रेनें
सूबेदारगंज एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, मगध एक्सप्रेस ढाई घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस सात घंटे, बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस पांच घंटे, फरक्का एक्सप्रेस आठ घंटे, कालिंदी एक्सप्रेस 10 घंटे, बह्मपुत्र मेल चार घंटे, स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटे, नेताजी एक्सप्रेस तीन घंटे, मूरी एक्सप्रेस साढे़ तीन घंटे, नीलांचल एक्सप्रेस दो घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस दो घंटे, गोमती एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, लखनऊ तेजस एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से चलीं।
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद