नौ दिन से चल रहा है संविदा कर्मियों का धरना प्रदर्शन
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों एवं आशाओं का कार्य बहिष्कार जारी है। कई दिन गुजरने के बाद भी शासन द्वारा मांगें नहीं मानने के बाद धरना प्रदर्शन कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मी आज से भूख हड़ताल करेेंगे। मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन किया गया।
स्वास्थ्य संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। छह सूत्रीय मांगों को लेकर नौ दिन से धरना कर रहे संविदाकर्मी मुख्यालय पर मंगलवार को भी डटे रहे। आशाओं ने जिलाध्यक्ष मनीषा यादव के नेतृत्व में धरने में सहयोग दिया। आशाओं ने भी भी राज्य कर्मचारी का दर्जा पाने के लिए मांग की। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने बुधवार से भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नौ दिन तक सरकार ने कोई मांग नहीं मानी और अब संविदा कर्मचारी भूख हड़ताल करेंगे। धरना प्रदर्शन में अमिता पांडेय, हरेंद्र, अजय प्रताप सिंह, सोनू बाथम, अंशुल जैन, रवि कुमार, विष्णु, गौरव भारद्वाज, अपूर्व, सरिता, गुड्डी, विनीता, कल्पना, नीरजा, आशा, वंदना आदि उपस्थित रहे।
हड़ताल से बिगड़ी किशोरी की हालत
संविदाकर्मियों की हड़ताल से मरीजों की सेहत पर फर्क पड़ रहा है। सरकारी स्टाफ के भरोसे व्यवस्थाएं लचर हैं। मंगलवार को सायं करीब पांच बजे जिला महिला अस्पताल के वार्ड तीन में बेड नंबर छह पर 20 वर्षीय युवती भर्ती थी। ड्रिप चढ़ते हुए अचानक युवती बेहोशी की हालत में आ गई। हड़ताल से स्टाफ की कमी थी। परिजनों ने स्टाफ को बुलाया तो काफी देर तक स्टाफ नहीं आया, जबकि ड्रिप खत्म हो चुकी थी। वहीं, महिला वार्ड में आवारा जानवर विचरण करते देखे गए।