आवास विकास कालोनी में नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें बाहर से आए शायरों ने कलाम पेश किया। सदारत दिलशाद वारसी ने की। नातिया मुशायरा में शहजिल शकील ने कहा ‘तजकिरा उनका में दिन रात किया करता हूं, जिनके सदके में हर एक सांस लिया करता हूं।’ इमरान कमर शिकोहाबादी ने कहा कि ‘बात जो हक है बो कही जाए, नात सरकार की पढ़ी जाए।’ साहीद सजर ने कहा कि ‘तुम्हारे आशिक तुम्हारे शैयादा करगें।’ आदिल फीरोजाबादी ने कहा कि ‘लिए साथ रब का कलाम आ रहा हूं, जिसे हर तरफ से सलाम आ रहा है।’ पैकर ने कहा कि ‘सर अदब से झुक जाए दिल की खिड़कियां खोलो।’ जाबेद नियाजी ने कुछ यूं कहा ‘अपलाक पै मुमताज है आका हैं जमी के, दुनिया के हैं सरताज मदीने के शंहशा।’ मुशायरे में कंबर जलैसरी, तौहीद, हसन मेंहदी जलालपुरी, आफाक हैदर ने भी मुशायरे में अपने कलाम पढ़ा। इस अवसर पर मोहम्मद वकील अब्बास, शमशाद वारसी, शकील वारसी, हसीन पेंटर, तौहीद, मोहम्मद शाहरुख, मोहसिन आदि मौजूद रहे। निजामत शकील वारसी ने किया।