दिल्ली रेलखंड पर पटरी पर दौड़ती ट्रेन से युवकों ने तीन यात्रियों को फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को मालगाड़ी से टूंडला स्टेशन लाया गया। यहां से फीरोजाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कोच का दरवाजा न खोलने को लेकर युवकों से यात्रियों का विवाद हुआ था।
फतेहपुर के थाना जाफर गंज राबरी निवासी दीपक (23) पुत्र उमाशंकर, शुभम (22) पुत्र विजय बहादुर निवासी कुठिला थाना जाफरगंज, फतेहपुर और अंशुल (30) पुत्र रामबरन निवासी निधौली, थाना सैलानी बांदा शनिवार रात ऊंचाहार एक्सप्रेस के रिजर्व कोच एस-1 में दिल्ली जाने के लिए कानपुर से बैठे। ट्रेन के इटावा स्टेशन पहुंचने पर कुछ युवकों ने कोच के दरवाजे को खुलवाने का प्रयास किया लेकिन दरवाजा नहीं खुलने पर आधा दर्जन युवक दूसरे कोच में सवार हो गए। कुछ देर बाद युवक एस-1 कोच में घुस आए और दरवाजा बंद करने पर कोच में सवार यात्रियों से मारपीट और अभद्रता करने लगे। शनिवार अल सुबह साढ़े तीन बजे करीब मितावली स्टेशन को पार करते ही आरोपी युवकों ने अंशुल को ट्रेन से फेंक दिया। दीपक और शुभम ने विरोध किया तो युवकों ने उन्हें भी ट्रेन से फेंक दिया। आनन-फानन में कोच में सवार अन्य यात्रियों ने घटना की जानकरी टूंडला नियंत्रण कक्ष को दी। नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर जीआरपी मितावली स्टेशन पहुंची। जहां लाइन किनारे घायलावस्था में पड़े यात्रियों को मालगाड़ी रोककर टूंडला लाया गया। इसके बाद जीआरपी ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा में अंशुल की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। अंशुल के फूफा आनंद कुमार निवासी विजय नगर कालोनी आगरा ने बताया कि अंशुल दिल्ली में ठेकेदारी करता है। अंशुल के साथ उसकी बुआ के लड़के शुभम और दीपक नौकरी के लिए दिल्ली जा रहे थे। ट्रेन में चल रहे पुलिस स्क्वॉयड ने यात्रियों से दरवाजा न खोलने के लिए कहा था। आरोप है कि आरोपी युवकों द्वारा जब उन्हें पीटा जा रहा था और फेंका गया तो पुलिसकर्मी दूसरे कोच में चले गए। यदि ट्रेन में चल रहे स्क्वॉयड से हस्तक्षेप किया होता शायद घटना नहीं होती।
ऊंचाहार एक्सप्रेस में ट्रेन का दरवाजा न खोलने को लेकर यात्रियों में विवाद हुआ था। मितावली स्टेशन से निकलने के बाद आरोपियों ने तीन यात्रियों को ट्रेन से फेंक दिया। उन्हें जीआरपी ने फीरोजाबाद अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया है।
ब्रजमोहन सिंह
थाना प्रभारी, जीआरपी आगरा