फिरोजाबाद। आरपीएफ और सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए थाना साइबर अपराध की टीम ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से मोबाइल के अलावा नौकरी लगवाने से संबंधित फर्जी दस्तावेज व मुहर बरामद की हैं। आरोपियों ने कुछ दिन पूर्व रामगढ़ के युवक से 10.50 लाख रुपये की ठगी की थी। थाना रामगढ़ के प्रताप नगर निवासी सनी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके ममेरे भाई प्रशांत के साथ आरपीएफ में फर्जी सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की ठगी की गई है। सीओ सदर अंबरीश कुमार ने बताया कि थाना प्रभारी आलोक मिश्रा, अंकित कुमार के अलावा अन्य सदस्यों ने उच्च स्तर की टेक्निक का प्रयोग करते हुए आरपीएफ और सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
इनमें शाहजहांपुर सदर बाजार निवासी शोएब, लखनऊ काकोरी के इब्राहित गंज निवासी आदित्य, थाना रसूलपुर क्षेत्र के निवासी अकील को गिरफ्तार किया है। इनके दो साथी फतेहपुर के तारापुर निवासी अनूप और झारखंड के धनबाद निवासी कौशल अभी फरार हैं। जिनकी तलाश कराई जा रही है। इनके पास से दो मोबाइल, फर्जी रेलवे व अन्य विभागों की स्टाम्प मौहरें, आरपीएफ का फर्जी आईडी कार्ड, सचिवालय में फर्जी नौकरी से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।