दीपोत्सव के चौथे दिन घर-घर में गोवर्धन महाराज की पूजा-अर्चना की गई। सायंकाल परिवार के सदस्यों ने गोवर्धन परिक्रमा कर आतिशबाजी की। अन्नकूट का प्रसाद बना कर वितरण किया गया।
गुरुवार दोपहर के समय महिलाओं ने मंगल गीत गोते हुए गोवर्धन रखे और पूजा की। सायंकाल परिवार के पुरुष वर्ग ने एकत्रित होकर गोवर्धन महाराज के जयघोष लगाते हुए पूजा की तथा उन्हें भोग लगाया। घरों में विशेष रूप से अन्नकूट, कढ़ी-चावल, दही-बड़े बनाए गए और सभी को अन्नकूट का प्रसाद वितरण किया गया। नगर का प्रमुख कार्यक्रम प्राचीन शिव समाधि मंदिर पर मनाया गया, जहां गोवर्धन महाराज की विशाल प्रतिमा के साथ ही गोवर्धन पर्वत धारण किए हुए भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति सजायी गयी थी। मंदिर में अन्नकूट का प्रसाद चढ़ाया गया। जिसे पूजा-अर्चना के बाद रात्रि में वितरित किया गया। मोहम्मदाबाद के शिवमंदिर पर नरेंद्र झा के नेतृत्व में अन्नकूट का प्रसाद वितरण किया गया।