कालिंदी और मालगाड़ी के बीच हुई भिड़ंत में क्षतिग्रस्त हुए कालिंदी के इंजन को शुक्रवार देर शाम पटरी पर लाया गया। इलाहाबाद से आई टीम मौजूद रही।
बताते चलें कालिंदी एक्सप्रेस के मालगाड़ी से भिड़ंत पर कालिंदी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था। राहत कार्य के दौरान उसे रेल ट्रैक से हटाकर पास ही खड़ाकर दिया था। गुरुवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने आए मंडल रेल प्रबंधक एसके पंकज ने इंजन को ठीक कराने के लिए वर्कशाप भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं शुक्रवार को इलाहाबाद से आए सीनियर डी, सीनियर डीईएन, सीनियर डीएमई कैरिज एंड वैगन और सीनियर डीएमई ओएंडएफ के निर्देशन में एआरटी डिपार्टमेंट, कैरिज एंड वैगन डिपार्टमेंट की टीम ने इंजन को सुबह 11 बजे से दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया।
नए ट्रैक को बनाकर इंजन को देर शाम सात बजे चक्कों को इंजन में लगाते हुए दुरुस्त किया गया। इसके बाद इंजन को बनाए गये ट्रैक पर लाया गया। तब उसे दूसरे इंजन से खींचकर यार्ड तक पहुंचाया गया। सीनियर डीएमई कैरिज एंड वैगन अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इंजन को वर्कशॉप भेजा जा रहा है।
कालिंदी रेल हादसा: जांच के बाद लौटे कर्मचारी
टूंडला (फिरोजाबाद)। टूंडला स्टेशन के निकट हुए कालिंदी रेल हादसे की जांच गुरुवार को पूरी हो गई। दो दिन चलने वाली जांच के लिए इलाहाबाद गए रेल कर्मचारी और अधिकारी गुरुवार रात टूंडला लौट आए। मामले में बुधवार और गुरुवार को दोनों ट्रेनों के चालक, सहायक चालक, गार्ड, लोको इंस्पेक्टर, सिग्नल, सहायक स्टेशन मास्टर, कंट्रोलर आदि से इलाहाबाद में हादसे से संबधित पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए। मामले की जांच मुख्य संरक्षा अधिकारी एमपी सिंह, मुख्य मोटिव पॉवर इंजीनियर परमानंद शर्मा, मुख्य सिग्नल इंजीनियर ब्रिजमोहन अग्रवाल और मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक कुशाल सिंह ने की। कालिंदी हादसे की जांच कमेटी पूरी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेगी। जांच में दोषी रेल कर्मियों के खिलाफ रेलवे कार्रवाई करेगी।