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Firozabad News: 11 साल का इंतजार होगा खत्म...43 कांच इकाइयों को गैस की आस

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फिरोजाबाद। कांच एवं चूड़ी उद्योग के लिए पिछले 11 वर्षों से नेचुरल गैस सप्लाई का इंतजार कर रहीं 43 औद्योगिक इकाइयों की निगाहें अब जल्द होने वाली ताज संरक्षित जोन (टीटीजेड) की बैठक पर टिक गई हैं। वर्ष 2015 से इन इकाइयों के संचालकों को नई गाइडलाइन के बाद अब प्राथमिकता के आधार पर गैस मिलने की प्रबल आस बंध गई है। नेचुरल गैस सप्लाई के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर चुके उद्यमियों ने अपना पक्ष रखने की पूरी रणनीति बना ली है।


वर्ष 2015 में क्षमता विस्तार से जुड़ी एक शिकायत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इन 43 कांच एवं चूड़ी इकाइयों को नेचुरल गैस सप्लाई देने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। हालांकि इस रोक के लगने से ठीक पहले ये सभी इकाइयां उत्पादन और गैस सप्लाई से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर चुकी थीं।
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बीते 3 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने क्षमता विस्तार से जुड़ी इस शिकायत को आखिरकार खारिज कर दिया। कोर्ट ने नीरी और सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की गाइडलाइन के तहत नई इकाइयों की स्थापना और उनकी शिफ्टिंग के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिससे पिछले 11 साल से इंतजार कर रहे उद्यमियों में नई उम्मीद जागृत हुई है।


17 कारखाना संचालक जमा करा चुके हैं सिक्योरिटी मनी


गैस सप्लाई का बेसब्री से इंतजार करने वाली प्रमुख इकाइयों में नन्नूमल ग्लास वर्क्स, वीरेंद्र कुमार-नन्नूमल ग्लास वर्क्स, एम्पायर ग्लास, मीरा ग्लास, क्रिस्टल ग्लास, हरिओम ग्लास, दीपक केमिकल, गोविंद ग्लास, भगवती ग्लास, सुपर ग्लास, वेस्ट ग्लास, आदर्श क्रिस्टल ग्लास एंड हैंडीक्राफ्ट, दादा ग्लास, नासरी ग्लास वर्क्स, सुशीला ग्लास वर्क्स और गंगा ग्लास वर्क्स शामिल हैं। इनमें से 17 इकाइयां गेल गैस में अपनी धरोहर राशि (सिक्योरिटी मनी) भी पहले ही जमा करा चुकी हैं।


नॉटिफाइड इंडस्ट्रीज एरिया में स्थापित और गैस सप्लाई के लिए सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर चुकीं इकाइयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हम टीटीजेड की बैठक में पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे।
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विनय अग्रवाल, उद्यमी


नीरी और सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट में यूपीसीडा आस्थान को नॉटिफाइड इंडस्ट्रीज एरिया माना गया है। यहां 20 से अधिक कांच व चूड़ी इकाइयों के भूखंड आरक्षित हैं। टीटीजेड की बैठक में इन आरक्षित भूखंडों वाली इकाइयों की पूरी पैरोकारी की जाएगी।

- राजकुमार शर्मा, अध्यक्ष, द एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज ऑनर्स
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