फीरोजाबाद। जलनिगम की टीटीएसपी की स्थापना में हुए घोटाले की जांच में जुटे अधिकारी गुरुवार को रिपोर्ट को फाइनल नहीं कर सके। वहीं प्रशासन की जांच का विरोध करते जलनिगम के ठेकेदारों ने निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने निगम की टंकियों के रखरखाव को निकाले टेंडरों का बहिष्कार कर दिया। ठेकेदारों के बहिष्कार के चलते एक भी टेंडर की बिक्री नहीं हुई। ठेकेदारों का आरोप है कि प्रशासन बिना वजह उत्पीड़न कर रहा है।
जलनिगम की ओर से टीटीएसपी की स्थापना की गई थी। डीएम विजय किरन आनंद ने टीटीएसपी की स्थापना में गड़बड़ी की आशंका होने पर सीडीओ सुजीत कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने पड़ताल कराई। लेकिन ठेकेदारों के द्वारा कई बार प्रत्यावेदन देकर अपना पक्ष भी रखा। इसके कारण जांच के लिए सात अफसरों की टीमें गांवों में दौड़ी। इनकी जांच रिपोर्ट एक पखवाड़े के बाद तो आ सकी लेकिन तैयार पिछले तीन दिन बीतने के बाद नहीं हो सकी। प्रशासन के सूत्रों की मानें तो करीब दो दर्जन ठेकेदारों की गर्दन इसमें फंसती दिखाई दे रही है। इसके साथ ही कई अधिकारी भी फंसेंगे। प्रशासन भले ही जांच रिपोर्ट फाइनल नहीं कर सका। लेकिन गुरुवार को जलनिगम के द्वारा करीब दो दर्जन पेयजल टंकियों के मैंटीनेंस के साथ कई हैंडपंपों की स्थापना के टेंडर निकाले गए थे। विभाग के इन टेंडरों को खरीदने कोई ठेकेदार नहीं पहुंचा। ठेकेदारों ने जलनिगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के साथ एक्सईएन जलनिगम भारत भूषण को ज्ञापन दिया। ठेकेदारों का आरोप है डीएम के द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। टीटीएसपी की स्थापना को ढाई लाख रुपया मिलता है। एक वर्ष तक देख-रेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है लेकिन तीन एवं चार वर्ष के बाद जांच कराना कहां का न्याय है। तीन वर्ष के बाद 6.50 लाख का गबन ठेकेदारों पर थोपा जा रहा है। वे इसे राजनीतिक षणयंत्र बता रहे हैं। पेयजल योजनाओं की मरम्मत में यही हाल है। ठेकेदारों ने कहा कि जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा हम काम नहीं करेंगे। ज्ञापन देने वालों में कालीचरन यादव, कृष्णकांत उपाध्याय, मनोज चक, कृष्णकांत यादव, रामनिवास, हाकिम सिंह, आदेश कुमार, अजय कुमार, सुबोध, सुनील कुमार, उमेशचंद्र, उदय वीर सिंह के साथ काफी ठेकेदार शामिल थे।
विभाग द्वारा 22 टंकियों के मैंटीनेंस, कुछ हैंडपंपों की स्थापना के टेंडर निकाले थे। ठेकेदारों के बहिष्कार के चलते बिक्री नहीं हुई। करीब सवा दो करोड़ के कार्य भी कराए जाने हैं।
भारत भूषण एक्सईएन, जलनिगम निर्माण खंड फीरोजाबाद