फिरोजाबाद। जंक फूड और अनियमित खानपान महिलाओं की सेहत बिगाड़ रही है। गर्भाशय में रसौली की समस्याओं के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में में हर महीने 150 से ज्यादा महिलाएं चिह्नित हो रही हैं। 50 महिलाएं गंभीर स्थिति में पहुंच जाती हैं। निजी अस्पतालों में पांच फीसदी महिलाओं में यह समस्या देखने को मिल रही हैं। मेडिकल कॉलेज के महिला विभाग में रोज 200 से 250 के गर्भवती महिलाएं आती हैं। गर्भाशय में रसौली की समस्या से ग्रसित पांच फीसदी महिलाएं होती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या चौधरी ने बताया कि गर्भाशय की रसौली में गड़बड़ी का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन होता हैं। तनाव एवं मानसिक दबाव होने से हार्मोनल में बदलाव होता है। अनुचित खानपान जैसे तले-भुने, जंक फूड और फाइबर की कमी वाले आहार से खतरा बढ़ जाता है। अगर किसी परिवार में पहले से किसी महिला को ये समस्या है तो यह आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार तो ऑपरेशन करने की आवश्यकता पड़ती है।
बीमारी के लक्षण
: कमर दर्द और थकान का होना
: प्रजनन संबंधी समस्याएं, जैसे बांझपन होना
: पेशाब में परेशानी या बार-बार पेशाब आना
: पेट के निचले हिस्से में सूजन या भारीपन का होना
: मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव एवं दर्द होना।
बचाव के उपाय
: नियमित व्यायाम करें
: वजन नियंत्रित रखने से हार्मोनल का संतुलन सही रहेगा
: तनाव कम करने के लिए पर्याप्त नींद लें।