सर्दी बढ़ने के साथ बिजली की कटौती बढ़ गई। अघोषित कटौती से परेशान लोगों ने जाटवपुरी चौराहे पर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियों को थामे क्षेत्रीय बाशिंदे विभागीय अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्र में चार दिन से बिजली नहीं आने पर आसफाबाद बिजलीघर पर हंगामा किया गया। मोढ़ा के समीप महिलाओं ने जाम लगाया। अधिकारियों के समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
रविवार को शहर में बिगड़े विद्युत शेड्यूल और अघोषित कटौती से आक्रोशित नई आबादी के बाशिंदों ने सपा अल्पसंख्यक सभा के इमरान मंसूरी के नेतृत्व में जाटवपुरी चौराहे पर जाम लगाया। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए लोगों ने नारेबाजी की। सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह, एसडीएम रवींद्र मांदड़ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ एवं जेई के मौके पर बुलाकर सुधार के आदेश दिए। एसडीओ ने कहा कि मेंटिनेंस का काम चलने के कारण अब दोपहर 12 बजे से शाम को सात बजे तक दस दिन तक कटौती रहेगी। इमरान मंसूरी ने कहा कि कुछ अधिकारी जनता से लूटपाट कर सरकार को बदनाम करना चाहते हैं। ऐसे अफसरों को जनता सबक सिखाएगी। इस दौरान सिकंदर शाह, हनीफ खाकसार, हाजी शम्मू, असलम, एम तारिक, इरफान कुरैशी, साजिद हसन, मोहम्मद अनीस, आफताव एडवोकेट, युसुफ मास्टर आदि शामिल थे।
इधर, करकौली फीडर की आपूर्ति आसफाबाद 220 केवीए विद्युत उपसंस्थान से बंद कर दिए जाने से आधा दर्जन गांवों में पिछले चार दिनों से बिजली के दर्शन नहीं हुए हैं। मोढ़ा, गाजीपुर, खंजापुर, पहाड़पुर, जमालपुर के साथ ही कई गांवों में बिजली नहीं आने से पानी का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मोढ़ा गांव की महिलाओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे जाम होते ही वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। जाम की सूचना मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी राजेश चौधरी पहुंच गए। उन्होंने बमुश्किल समझाबुझा कर जाम खुलवाया। महिलाओं का कहना है कि हमारे फीडर को सीधे आसफाबाद या फिर दबरई से जोड़ा जाए। लुहारी फीडर से जोड़ना गलत है। इधर खंजापुर और लाइन पार क्षेत्र के आक्रोशित ग्रामीणों ने आसफाबाद बिजली घर पर प्रदर्शन किया। लोगों के गुस्से को देख स्टाफ भाग खड़ा हुआ। चरन सिंह, सत्यभान सिंह, सत्यपाल सिंह, राजेश कुमार, सुरेशचंद्र, राजू, प्रमोद कुमार, रवि, रामनाथ के ही साथ काफी ग्रामीण मौजूद थे।
नहीं भर पा रहीं पेयजल टंकियां
विद्युत विभाग के द्वारा की जा रही अघोषित कटौती का असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। पेयजल टंकियां नहीं भर पा रहीं। ऐसी स्थिति में जनता कड़ाके की सर्दी में पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है।
आसफाबाद फीडर से शहरी क्षेत्र की आपूर्ति होती है। इस फीडर से आधा दर्जन गांव जुड़े थे। इन्हें लुहारी फीडर से जोड़ने की सूचना 15 दिन पूर्व दी गई थी। विभाग ने कार्य प्रारंभ करा दिया है, दो-तीन दिन में आपूर्ति सुचारु होगी।
प्रबोध राजपूत एसडीओ-आसफाबाद।
किसान परेशान, फसलों की सिंचाई प्रभावित
बिजली की अघोषित कटौती का सर्वाधिक असर गांवों में देखने को मिल रहा है। किसानों को फसलों की सिंचाई बिजली के अभाव में नहीं हो पा रही है। आलू उत्पादक किसान अमरनाथ शर्मा ने कहा कि 24 घंटे में बमुश्किल चार से ही पांच घंटे बिजली मिल रही है। वोल्टेज काफी कम होने के कारण नलकूप नहीं चल पाते। किशनपाल सिंह ने कहा कि बिजली विभाग की मनमानी से फसलें बर्बाद हो रही हैं।
सांसद और सपा जिलाध्यक्ष से की शिकायत
विद्युत कटौती से खफा लोगों ने सपा सांसद अक्षय यादव और सपा जिलाध्यक्ष से शिकायत की थी। इसके बाद डा. दिलीप यादव ने एक्सईएन से बात कर आपूर्ति दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा जरूरत के समय कटौती से जनमानस परेशान है, स्थानीय स्तर पर जेई फाल्टों को सुधारे और आपूर्ति दें।