टूंडला। तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश से कच्चे-पक्के मकानों का गिरना शुक्रवार को भी जारी रहा। लाइनपार के एक ही गांव में आठ किसानों के मकान गिर गए। वहीं अन्य गांवों में भी मकान गिरे। महिला सहित दो लोग घायल हो गए। मकान की दीवार गिरने से एक भैंस व दो बकरियां मर गईं। शुक्रवार को भले ही बारिश नहीं हुई हो, लेकिन कच्चे पक्के मकानों का गिरना जारी रहा। थाना नगला सिंघी के अकेले गांव बजहेरा में आठ मकान गिर गए। गांव निवासी जवाहर सिंह का पक्का मकान गिर गया, जिसमें घरेलू सामान दब गया। गनीमत रही परिजन अन्य कमरे में सो रहे थे। सेवतीराम का कच्चा मकान गिर गया। मलबे में दबने से सेवतीराम घायल हो गए। पप्पू की पशुवाड़े की दीवार गिरने से भैंस दबकर मर गई।
इसी गांव के मान सिंह का कच्चा मकान गिर गया। परिवार पक्के मकान में सो रहे थे। अचल सिंह का कच्चा मकान गिर गया। उनकी पत्नी मीरा देवी घायल हो गईं। हरिगोपाल के कच्चे मकान की दीवार गिरने से दो बकरी मर गईं। सुरेशचंद्र की कच्चे मकान की दीवार गिर गई। गनीमत रही परिवार पक्के मकान में सोया था। लाखन सिंह का कच्चा मकान गिरने से घरेलू सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। इधर, गांव मोहम्मदी में रेशमपाल का मकान धराशायी हो गया।
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बारिश के बाद धूप खिलने पर जर्जर मकान दरकते हैं। बारिश व धूप से जर्जर मकान गिर सकते हैं। ऐसे मकानों में रहने वाले लोग सावधानी बरते। जर्जर मकानों में न रहें।
डॉ. गजेंद्रपाल सिंह, एसडीएम