श्री राधाकृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पं. मुन्नालाल शास्त्री ने श्रीराम अवतार, गंगा अवतरण और कृष्ण अवतार की कथा का वर्णन किया।
इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण जय कन्हैयालाल, नंद के घर आनंद भयौ के जयकारों से गूंज उठा। बधाई गीतों पर महिलाओं ने भावविभोर होकर नृत्य किया। कथा व्यास पं. मुन्नालाल शास्त्री ने भक्त की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भक्त नहीं होंगे तो भगवान कहां से होंगे। भगवान स्वयं सारा जग छोड़कर वृंदावन में वास करते हैं। भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर बुराई का अंत ही नहीं किया, अपितु सामाजिक समरसता भी स्थापित की। बुधवार दोपहर दो बजे से पांच बजे श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा का वर्णन किया जाएगा।