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चिट्ठी में अक्षय ने बयां किया दर्द, शिवपाल पर लगाए आरोप 

Tue, 25 Oct 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला
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सपा कायाऱ्र्लय पर पसरा सन्‍नाटा - फोटो : अमर उजाला
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पिता रामगोपाल यादव के खिलाफ की गई कार्रवाई पर उनके पुत्र सांसद अक्षय यादव ने पत्र लिख कर अपना दर्द बयां किया है। सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आए पत्र में उन्होंने कहा है कि उनके पिता और पत्नी पर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं वे निराधार हैं। 2012 में पार्टी जब भारी बहुमत से चुनाव जीती थी तब शिवपाल यादव ने पूरी कोशिश की थी कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री न बनाया जाए। मेरे पिता रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव के नाम का प्रस्ताव किया था और संसदीय बोर्ड की बैठक में अखिलेश यादव को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। तभी से वह उनसे (रामगोपाल यादव) से खुन्नस मानते हैं। क्योंकि रामगोपाल शिवपाल की महत्वाकांक्षा में बाधक बन गए। अक्षय यादव के पत्र में यह भी लिखा है कि वे फीरोजाबाद से चुनाव जीते लेकिन जानबूझ कर उनके क्षेत्र में सड़कों के लिए पैसा नहीं दिया गया क्योंकि लोक निर्माण विभाग शिवपाल यादव के ही पास था। तब मेरे पिता (रामगोपाल यादव) ने नेताजी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा तब सड़कों के लिए पैसा दिया गया। अक्षय ने पत्र में लिखा है कि उनके पास साक्ष्य है कि उन्हें लोकसभा चुनाव में हराने की कोशिश की गई। अक्षय ने कहा कि उनके पिता पर बीजेपी नेताओं से मिलने का आरोप लगाया गया है तो क्या यह सत्य नहीं कि जुलाई के महीने में भाजपा के एक सांसद के साथ शिवपाल यादव भाजपा के एक बड़े नेता से मिलने पहुंचे। शिवपाल के पुत्र का रिसेप्शन अमर सिंह और भाजपा के एक सांसद ने कराया। भाजपा के एक सांसद की जीत की पार्टी में शिवपाल यादव शामिल हुए। अक्षय ने कहा है कि इन्हीं जगहों पर यह तय हुआ कि सपा की सरकार न बनने पाए और शिवपाल यादव थोड़ी बहुत सीटें जीत लें तो उन्हें मुख्यमंत्री बना देंगे। 
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अखिलेश मेरे आदर्श: अक्षय 
पत्र में अक्षय यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके आदर्श हैं। पिछले साढे़ चार साल से उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है। उन्हें अपनी मर्जी से काम नहीं करने दिया गया, मानसिक रुप से परेशान किया गया। हाल में उनके साथ इतना बुरा व्यवहार किया गया कि जब मुख्यमंत्री अपने नए मकान में शिफ्ट हुए तब उनका कुछ सामान पुराने मकान में रह गया था उस सामान को कमरे से फिंकवा कर ताला लगा दिया गया। अंत में अक्षय ने लिखा है उनके पिता के साथ अन्याय हुआ है, मैं इसका विरोध करता हूं।
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