शिकोहाबाद। रविवार को संयुक्त चिकित्सालय में मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाला घटनाक्रम सामने तब आया, जब चिकित्सकों ने आग में गंभीर रूप से झुलसी हुई महिला रिंकी को प्राथमिक उपचार के बाद व्यापक उपचार के लिए मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। उस दौरान महिला की हालत गंभीर थी। उसी दौरान चिकित्सकों ने महिला को रेफर किया था।
अस्पताल के किसी भी कर्मचारी ने गंभीर रूप से झुलसी महिला को इमरजेंसी से अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर खड़ी हुई एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर या फिर पकड़कर ले जाने तक की जहमत नहीं उठाई। मजबूरन कुछ महिलाओं ने पीड़ित रिंकी को हाथ पकड़कर किसी तरह एंबुलेंस तक पहुंचाया। यह घटनाक्रम देखकर हर कोई स्वास्थ्य विभाग और संयुक्त चिकित्सालय के स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कोसता हुआ नजर आ रहा था।
वर्जन
आज वार्ड व्वॉय अवकाश पर था। महिला का ठीक से इलाज कर दिया गया था। अस्पताल में भीड़भाड़ थी। इस वजह से यह समस्या आई है। आगे से ऐसी गलती न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
डाॅ. सत्यप्रकाश शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
जिला संयुक्त चिकित्सालय