खैरगढ़ (फिरोजाबाद)। थाना शिकोहाबाद के प्रतापपुर रोड निवासी दूधिया की हत्या कर शव खैरगढ़ क्षेत्र में प्रतापपुर और बैरनी के पास खंदी में फेंक दिया गया था। पुलिस पहले हत्या का राज दफन करना चाह रही थी, लेकिन दूधिया की पत्नी व परिजन हत्या का आरोप लगा रहे थे। उनके दबाव के बाद खैरगढ़ पुलिस बैकपुट पर आई। एसओजी व पुलिस टीम ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक के साले और मुंह बोले दामाद ने हत्या की थी। दोनों ने दूधिया को पहले शराब पिलाई। इसके बाद गमछे से गला घोंट दिया। हत्या संपत्ति के लालच में की गई थी। एसपी ग्रामीण रणविजय सिंह ने बताया कि थाना शिकोहाबाद के प्रतापपुर रोड निवासी कालीचरन की हत्या उसके सगे साले थाना एका के गांव सिकंदरपुर निवासी श्रीकृष्ण और एटा रोड निवासी दामाद अंजुल यादव ने गमछे से गला घोंटकर की थी। घटना करने के बाद शव को प्रतापपुर और बैरनी के बीच स्थित बंबा की खंदी में फेंक गए थे। इसमें मृतक की पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले के खुलासे के लिए थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस की टीम भी लगाई गई थीं। टीम ने महज 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक बाइक और हत्या में प्रयुक्त गमछा बरामद किया है।
संतान न होने पर साले की बेटी ली थी गोद
थाना खैरगढ़ के गांव नायकपुर के मूल निवासी कालीचरन लंबे समय से दूध बेचने का काम करता आ रहा था। उसकी शादी होने के काफी समय बाद भी कोई संतान नहीं हुई। उसके बाद बुजुर्गों के कहने पर उसने अपने साले श्रीकृष्ण की बेटी को गोद ले लिया। जब वह बड़ी हुई तो धूमधाम से उसकी शादी शिकोहाबाद के एटा रोड निवासी अंजुल से कर दी थी। उसके बाद इनके बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो गया।
भाई के बेटों को देना चाहता था संपत्ति
मृतक कालीचरन के भाई के बेटे गांव नायकपुर में रहते हैं। गोद ली गई बेटी की शादी करने के बाद उसने अपनी दो बीघा जमीन और दो मंजिला मकान भतीजों को देना तय कर दिया। इस बात का पता साले श्रीकृष्ण को लग गया। श्रीकृष्ण ने हाथ से सारी संपत्ति जाती देख अंजुल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। शनिवार रात फोन करके कालीचरन को बुलाया। उसके शराब पिलाने के बाद गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
पुलिस दबाती रही हत्या का राज
थाना खैरगढ़ के गांव प्रतापपुर के पास मिले दूधिया के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद घटना का खुलासा हो गया था। रिपोर्ट में उसकी मौत दम घुटने से होने की बात आई। उसके बाद भी खैरगढ़ थाना प्रभारी आलोक मिश्र देर रात तक हत्या की बात को नकारते रहे। संदिग्ध परिस्थिति में उसकी मौत होने की बात कह रहे थे।