लेखपालों ने किया कार्य बहिष्कार, डीएम को सौंपा ज्ञापन
उप्र लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर लेखपालों का जिला मुख्यालय पर कार्य बहिष्कार जारी रहा। लेखपालों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेतावनी दी कि सरकार ने जल्द हमारी मांगें नहीं मानी तो ईंट से ईंट बजा देंगे। धरने के उपरांत मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदेश भर में लेखपाल छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लखनऊ में विधानसभा के घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज से लेखपालों में प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। उप्र लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा कि ग्रेड-पे एवं पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर में लेखपाल चरणबद्ध रूप से आंदोलन कर रहे हैं, परंतु प्रदेश सरकार के कान पर जू नहीं रेंग रही है। शीलेंद्र कुमार ने कहा कि सांसद, विधायक अपना वेतन तो बढ़वा लेते हैं, लेकिन सरकार कर्मचारियों की बात नहीं सुनना चाहती है।
पूर्व जिलाध्यक्ष विजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी है, जो सरासर गलत है। जब प्रदेश सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी, हमारा कार्य बहिष्कार लगातार जारी रहेगा। आंदोलन का समर्थन करते हुए उप्र मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दौजीराम ने कहा कि सरकार ने बात नहीं मानी और हठधर्मिता पर अड़ी है। यदि किसी भी लेखपाल के साथ कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई तो कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ लेखपालों के साथ मिलकर सभी काम बंद कर देंगे।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही लेखपालों की मांगें नहीं मानी तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। संचालन योगेंद्र उपाध्याय ने किया।
धरना स्थल पर जिला अमीन संघ के जिलाध्यक्ष सोबरन सिंह, लटूरी सिंह, सुखदेव सिंह, सुरेंद्रपाल सिंह, केके भारद्वाज, खजान सिंह, सर्वेश कुमार, नेपाल सिंह, उदयवीर सिंह, अशोक कुमार, विजेंद्र यादव, अवनीश यादव, विजेंद्र सोनी मौजूद थे।