जेएस यूनिवर्सिटी में मौजूद विकास प्राधिकरण की टीम। सोर्स संवाद
शिकोहाबाद। फर्जी डिग्री प्रकरण में जेएस यूनिवर्सिटी की मुश्किलें शुक्रवार को और बढ़ गईं। विकास प्राधिकरण की टीम यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंची। जहां टीम ने कैंपस के हर एक कक्ष एवं पूरे परिसर की पैमाइश कर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस प्रशासन के नोटिस को भी दरकिनार कर समय सीमा पूरी होने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में पुलिस भी शनिवार से इस मामले में आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर देगी।
राजस्थान में जेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री का मामला तूल पकड़ने के बाद से यूनिवर्सिटी की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। एसओजी जयपुर इस मामले में कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को जेल भेज चुकी हैं। वहीं शिकोहाबाद पुलिस ने भी छात्रों की तहरीर पर जेल गए दोनों आरोपी एवं डॉ. पीएस यादव, डॉ. गौरव यादव तथा एग्रीकल्चर विभाग के एचओडी उमेश मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने यूनिवर्सिटी के एग्रीकल्चर विभाग को नोटिस भेजा था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नोटिस का अब तक कोई जवाब पुलिस को नहीं दिया है। ऐसे में पुलिस प्रशासन भी दर्ज केस के आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर चुका है। जल्द ही आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करेगी। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को विकास प्राधिकरण की टीम भी यूनिवर्सिटी पहुंची। आधा नक्शा पास होने की बात सामने आने के बाद कैंपस परिसर के हर एक कमरे एवं पूरे परिसर की पैमाइश की गई। जहां टीम ने चार घंटे तक लगातार अलग-अलग दिशा से यूनिवर्सिटी की भूमि की पैमाइश की। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर टीम अधिकारियों को भेजेगी।
वर्जन
यूनिवर्सिटी प्रशासन के एग्रीकल्चर विभाग ने अब तक नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में अब शनिवार से आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया जाएगा।
प्रवीण कुमार तिवारी, सीओ, शिकोहाबाद