नोटबंदी को 34 दिन बीत चुके हैं। पैसा जमा करने और निकालने का को कतार कम नहीं हो रही है। धन जमा करने और निकालने वाले लोग आयकर विभाग के रडार से डरे सहमे हैं। कितना जमा करें, कितना निकालें, आयकर विभाग के झंझट से कैसे बचें आदि अनगिनत सवाल उन्हें परेशान कर रहे हैं। लोगों में जो भय है उसे दूर करने के लिए अमर उजाला ने आयकर अधिवक्ताओं से बात की। उन सवालों के उत्तर तलाशे जो आम आदमी के जेहन में उसकी खून पसीने की कमाई और आयकर विभाग को लेकर हैं।
आयकर अधिवक्ता विकास जैन का कहना है कि नोट बंदी के समय प्रधानमंत्री ने कहा था कि 8 नवंबर 2016 के बाद खातों में ढाई लाख रुपये से अधिक जो लोग कैश जमा करेंगे उनका संज्ञान लिया जाएगा। आयकर विभाग नकदी जमा का आंकड़ा अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक का देखेगा। यानि जो कैश एक अप्रैल 2016 के बाद जमा किया गया है वह जांच के दायरे में आएगा। ढाई लाख तक तो छूट है लेकिन इससे अधिक पर आयकर विभाग नोटिस देकर आय के बारे में पूछ सकता है। टैक्स के तीन स्लैब हैं। 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत, छूट की सीमा के बाद टैक्स तीन प्रतिशत सैस के साथ देना होगा।
कैश पर अधिक ध्यान दे रहा आयकर विभाग
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। अधिवक्ता विकास जैन ने बताया कि यदि किसी खाताधारक ने अपने खाते में आठ नवंबर 2016 (नोटबंदी का दिन) के बाद चेक डाला है। यह चेक एलआईसी पॉलसी पूरी होने, किसान विकास पत्र या अन्य बचत पत्र की समयावधि पूरी होने पर मिला है तो टेंशन की बात नहीं है। नोटबंदी के बाद आयकर विभाग का खास ध्यान कैश जमा करने वालों पर है। भुगतान चूंकि चेक से हुआ है इसलिए इसका रिकार्ड आयकर विभाग के सामने होगा।
साढे़ 12 लाख तक कैश जमा कर सकते हैं बचत खाते में
बैंक खातों में पैन कार्ड या आधार कार्ड दर्ज है। इससे एक ही व्यक्ति जिसका सभी खातों में एक ही पहचानपत्र (आधार कार्ड या पैन कार्ड) लगा है वह आयकर विभाग को धोखा नहीं दे पाएगा। अधिवक्ता कुलदीप मित्तल ने बताया कि आयकर विभाग खातों का सत्यापन जरूर करेगा। बचत खाते में एक साल में दस लाख तक जमा कर सकते हैं। नोटबंदी के 50 दिनों में साढे़ 12 लाख रुपये तक के कैश जमा किया जा सकता है।
कामकाजी महिलाएं रिर्टन दाखिल जरूर करें:
आयकर अधिवक्ता कुलदीप मित्तल का कहना है कि फीरोजाबाद में हजारों महिलाएं चूड़ी, पेटिंग, ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई आदि का काम करती हैं, लेकिन रिटर्न दाखिल नहीं करतीं हैं। कामकाजी महिलाओं को हर हाल में रिटर्न दाखिल करना चाहिए। अपनी आय की सुरक्षा के प्रति निश्चिंत हो सकती हैं।
सालों की बचत की भी जानकारी मांग सकता है आयकर विभाग
यदि किसी का बैंक खाता नहीं है लेकिन उसने कुछ पैसा बचा रखा है तो वह नोटबंदी के बाद नया खाता खोल कर कैश बैंक या डाकघर में जमा कर सकता है। आयकर विभाग नोटिस देकर किसी भी अघोषित आय के बारे में पूछ सकता है। आयकर विभाग यह पूछ सकता है कि अभी तक खाता भी नहीं था और अचानक ढाई लाख या उससे अधिक धनराशि कहां से आ गई। खाताधारक यदि कोई थोड़ी-थोड़ी बचत का हवाला देता है, तब आयकर विभाग फेमली स्टेटस, आय के स्रोत, बचत की जानकारी मांग सकता है। इस स्थिति में वर्षों बाद बैंक खाते में बचत का पैसा डालने वाले की उम्र महत्वपूर्ण मानी जाएगी। आयकर अधिकारियों के विवेक पर बहुत कुछ निर्भर है।
नए -नए नियम से फैल रहा भ्रम: सीए
लोगों के सवाल बहुत हैं लेकिन सरकार हर दिन नया नियम दे रही है ऐसी स्थिति में भ्रम बहुत है यह कहना है सीए आरपी गोयल का। वह कहते हैं कि सच्चाई तो यह है कि आयकर विभाग भी अभी तय नहीं कर पा रहा कि किस तरह से कालेधन में सेंध लगानी है। यह तय है कि आयकर विभाग जो नोटिस जारी करेगा उसका जवाब भी देना होगा रकम का श्रोत तो बताना ही होगा। इससे रिर्टन दाखिल और नोटिस का जवाब देने वालों की संख्या बढ़ेगी।