फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ गई भीड़, बैंक बेबस, हंगामा तोड़फोड़ 

Mon, 14 Nov 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला
विज्ञापन
चूड़ी श्रमिक, छात्र,छात्राएं और महिलाएं नोट बदलने की कतार में खड़े, पुलिस फटकार रही लाठियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद जीवन पटरी से उतरने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। भीड़ बेकाबू हो रही है। रविवार को इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई मुख्य ब्रांच पर पुलिस को बार-बार लाठियां फटकारनी पड़ीं। करेंसी चेंज न होने से आक्रोशित लोगों ने यूनियन बैंक में लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। बैंक में फ्री में मिलने वाला फार्म ब्लैक में पांच रुपये में मिल रहा है। 
विज्ञापन

स्टेशन रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लगी कतार स्टेशन रोड तिकोनिया तक पहुंच गई।
इसमें महिलाओं की संख्या अधिक दिखी। कैनरा बैंक की कतार आंध्रा एवं श्रेयस ग्रामीण बैंक की कतारों से मिली दिखी। एमजी कालेज के बाहर स्थित बैंक पर तो महिलाओं, छात्राओं की भीड़ अधिक थी। अधिकांश छात्राओं के छात्रवृत्ति के एकाउंट इसी बैंक में हैं। कुछ नोट बदलने तो कुछ खातों में पैसा जमा कराने को पहुंची थीं। गांधीपार्क चौराहा स्थित आईडीबीआई बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, छिंगामल का बाग स्थित ओबीसी बैंक,यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया के साथ सदर बाजार में ही स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा पर भारी भीड़ थी।
एसबीआई मुख्य ब्रांच, पीएनबी के साथ सेंट्रल बैंक की कतारें एक दूसरे में मिल रहीं थी। आपाधापी के मध्य पुलिस को यहां लाठियां फटकारने को विवश होना पड़ा। इलाहाबाद बैंक पर भीड़ नियंत्रित करने को पुलिस ने लाठी फटकारी। विजया बैंक, सिंडीकेट बैंक के साथ ही अन्य बैंकों में देर शाम तक कतार लगी रही। सुबह से कतार में खड़ी महिलाएं, पुरुष पानी की बोतल, हल्का नाश्ता साथ लेकर पहुंचे। जो साथ लेकर नहीं गए उन्होंने ठेल वालों से खरीदकर नाश्ता किया लेकिन नंबर कटने के डर से कतार नहीं छोड़ी। नोट बदलने के फार्म की फोटो स्टेट कराने के लिए फोटो स्टेट की दुकानों पर काफी भीड़ थी। दुकानदार भी मौके का फायदा उठाते हुए पांच रुपया का फार्म बिक्री कर रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें