बहुजन कार्यकर्ताओं की रार खुल कर सामने आ गई। बसपा के पूर्व विधायक राकेश बाबू के खिलाफ बसपा कार्यकर्ताओं के धड़े ने जनसभा की तो समर्थकों ने पहुंचकर बवाल काट दिया। विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं को न सिर्फ पीटा, पंडाल में रखी कुर्सियां उठाकर फेंक दीं। मंच पर बैठेे पदाधिकारियों को धक्का देकर नीचे उतार दिया। हंगामा होने पर पुलिस पहुंच गई। इसके बाद बमुश्किल मामला शांत हो सका।
रविवार को बछगांव चौराहे पर पूर्व विधायक राकेश बाबू के विरोध में बसपा नेता होरीलाल जाटव व एवरन सिंह के नेतृत्व में जनसभा थी। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने राकेश बाबू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष व कोआर्डिनेटर के विरोध में नारेबाजी की। नेताओं पर कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया। सभा में होरीलाल जाटव ने कहा कि हम लोग बूथ स्तर तक पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन जब हम क्षेत्रीय जनता की समस्याएं लेकर इनके पास जाते हैं, तब यही लोग कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। मंच से बसपा कार्यकर्ता नरेश जाटव ने तो यहां तक आरोप लगाए कि एक नेता बहनजी के नाम पर वसूली कर रहे हैं। सभा चल रही थी तभी पूर्व बसपा विधायक के पुत्र प्रमोद कुमार के नेतृत्व में समर्थक नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। उन्होंने सभा का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। सुशील जाटव के साथ मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने माइक फेंक दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर दी। मंच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। पंडाल में रखी कुर्सियां भी उठाकर फेंक दी। इससे विरोध कर रहे लोग भाग निकले। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने विरोध करने वालों पर दूसरी पार्टियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। सूचना पर थाना नारखी पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद ही मामला शांत हो सका।