मैनपुरी। तहसील करहल के संग्रह सेवक को बिना नोटिस दिए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। उसका बकाया वेतन और जीपीएफ फंड भी नहीं दिया गया। उसके आवेदनों पर सुनवाई नहीं की गई। संग्रह सेवक की शिकायत पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव/सिविल जज नम्रता सिंह ने तहसीलदार करहल को नोटिस जारी करके चार अगस्त तक विस्तृत एवं स्पष्ट आख्या देने के निर्देश दिए हैं।
जिला फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज के गांव चिरहुली के रहने वाले सरीफ अली तहसील करहल में संग्रह सेवक की नौकरी करते थे। 15 साल तक नौकरी करने के बाद उनको वर्ष 2005 में बिना नोटिस दिए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। उनका न तो बकाया वेतन दिया गया और न ही उनको जीपीएफ के फंड का भुगतान किया गया। उनके द्वारा दिए गए आवेदनों पर कोई कार्रवाई करना तो दूर संबंधित अधिकारियों ने सुनवाई तक नहीं की।
सरीफ अली ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत की। शिकायत के साथ उसने कई प्रमाण भी जमा किए। उसकी शिकायत की सुनवाई प्राधिकरण की प्रभारी सचिव/सिविल जज नम्रता सिंह ने की। सुनवाई करने के बाद शिकायत पर संज्ञान लेकर तहसीलदार करहल को नोटिस जारी किया है। तहसीलदार को शिकायत के संबंध में विस्तृत एवं स्पष्ट आख्या देने के निर्देश दिए हैं। शिकायत की अगली सुनवाई के लिए चार अगस्त की तारीख तय कर दी है।