हमारे पास फंड नहीं है, सरकार आर्थिक सपोर्ट नहीं कर रही। रेलवे अपने बल पर विकास की पटरी पर दौड़ रहा है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को रेल प्रशासन प्रयासरत है। यह बातें बुधवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने अपने वार्षिक निरीक्षण के दौरान टूंडला में पत्रकारों से कहीं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रेलवे आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन विकास कार्यों में केंद्र सरकार मदद नहीं मिल रही। सरकार का कहना है कि रेलवे खुद अपना फंड एकत्रित कर कार्य करे। ट्रेनों के देरी से चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं, चेन पुलिंग व रेलवे क्रासिंग के कारण दर्जनों ट्रेन प्रभावित होती है। बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के कारण भी रेलवे को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने महिला यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में कड़े कदम उठाने की भी बात कही। उन्होंने टूंडला से दिल्ली के लिए सुबह ट्रेन शुरू कराने पर विचार करने की बात कही। टूंडला में कोच लोकेटर के साथ ही प्लेटफार्म नंबर पांच पर जल्द ही टीन शेड लगवाने का को कहा। वार्ता के दौरान मंडल रेल प्रबंधक वीके त्रिपाठी, रेल संरक्षा आयुक्त प्रसून कुमार वाजपेई, अनुमणि त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने अच्छा कार्य करने वाले सौ से अधिक कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका मनोबल बढ़ाया।