सीबीआई ने सारा की मौत के जुटाए तथ्य
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वमंत्री की पुत्रवधू सारा त्रिपाठी की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए शनिवार को सीबीआई की टीम जिले में पहुंची। अफसरों ने सिरसागंज हाईवे स्थित घटनास्थल का मुआयना किया। दोपहर बाद अमनमणि त्रिपाठी को लेकर जिला अस्पताल पहुंची टीम ने वहां भी साक्ष्य खंगाले। अस्पताल में अमनमणि त्रिपाठी के साथ जांच अधिकारी और पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों से पूछताछ की।
पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पुत्रवधू सारा की मौत जुलाई 2015 में हुई थी। सालभर बीतने के बाद भी अब तक सारा की मौत की गुत्थी उलझी हुई है। हत्या और सड़क हादसे के बीच झूलते मौत के इस रहस्य को सुलझाने की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई थी। शनिवार की सीबीआई के एसपी और सीओ सारा की मौत के मामले के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में सीबीआई के अफसर करीब आधे घंटे तक अमनमणि से पूछताछ करते रहे। इसके बाद टीम अमनमणि को लेकर पुराने आपातकालीन चिकित्सा विभाग पहुंची। हालांकि बंद होने के कारण टीम उसके भीतर नहीं जा सकी। अस्पताल में हुई जांच और पूछताछ के बाद सीबीआई अमनमणि को लेकर घटनास्थल सिरसागंज पहुंची। वहां घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की।
चर्चा का विषय रही विधायक लिखी कार
सारा की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए अमनमणि जिस कार से आए थे उस पर विधायक लिखा था। जबकि वर्तमान में अमनमणि विधायक नहीं है। हालांकि कार पर किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा और बैनर नहीं लगा था। फिर भी विधायक लिखी कार को लेकर लोग चर्चाएं करते रहे।
सारा की मौत सिर्फ हादसा थी
सीबीआई टीम द्वारा पूछताछ के दौरान अमनमणि ने बताया कि सारा की मौत महज हादसा थी। इसके अलावा वेह कुछ भी नहीं बोले। करीब आधे घंटे तक अस्पताल में रहने के बाद वह टीम के साथ ही कार से सिरसागंज चले गए।
यह था घटनाक्रम
फीरोजाबाद। अमनमणि त्रिपाठी नौ जुलाई 2015 को पत्नी सारा के साथ कार से लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। सिरसागंज थाना क्षेत्र के गुंजन चौराहे के समीप उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में सारा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे की खबर लगते ही सारा की मां सीमा सिंह परिवारीजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। वहां उन्होंने सारा की मौत हादसे में नहीं होना बताते हुए अमनमणि पर हत्या का आरोप लगाया था। सिरसागंज पुलिस ने सीमा सिंह की तहरीर पर अमनमणि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। सिरसागंज पुलिस से न्याय नहीं मिलने की आशंका को देखते हुए उन्होंने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। सीमा सिंह की मांग पर सरकार ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप दी है।