बजट के अभाव ने सुहागनगरी की सरकारी योजनाओं के संचालन को पटरी से उतार
दिया। 946 आंगनबाड़ी केंद्रों के 28 हजार बच्चों को दो दिन से हॉटकुक्ड
वितरण नहीं हुआ है। परिषदीय स्कूलों की रसोइयों ने मानदेय की डिमांड को
लेकर बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बीएसए कार्यालय व ब्लाकों में
तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों, भारत साक्षर मिशन के प्रेरकों को कई माह से
मानदेय नहीं मिला। दूसरी तरफ विद्युत विभाग और निगम के ठेकाकर्मी मानदेय
नहीं मिलने से परेशान हैं।
28 हजार बच्चों को दो दिन से नहीं मिला हाटकुक्ड
गरीब एवं मलीन
बस्तियों के बच्चों को कुपोषण से बचाने को शासन की ओर से पंजीरी, बिस्कुट
के वितरण करने के साथ ही गरमागरम भोजन (हॉटकुक्ड) का वितरण किया जा रहा है।
पहले इसकी धनराशि कार्यकत्रियों को दे दी जाती थी। लेकिन अब कार्यदायी
संस्थाओं को वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी। फीरोजाबाद शहर प्रथम के 219 एवं
द्वितीय के 442 एवं ग्रामीण के 285 आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले 28 हजार
बच्चों को हॉटकुक्ड के वितरण करने की जिम्मेदारी स्वजन शिक्षण संस्थान को
सौंपी थी। संस्था के कोआर्डिनेटर धनंजय सिंह का कहना है कि अप्रैल 2014 में
हॉटकुक्ड वितरण की जिम्मेदारी मिली। चार माह का भुगतान मिला था। अगस्त
2014 से अभी तक भुगतान नहीं हुआ। भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को
भी दो माह का मानदेय नहीं दे सके। इसके कारण उन्होंने भी काम करना बंद कर
दिया। स्टाफ द्वारा जब काम ही नहीं किया जा रहा है तो फिर वितरण प्रभावित
हो रहा है।
हॉटकुक्ड की आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के द्वारा बिल
समय से नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को स्वजन शिक्षण
संस्थान का बिल मिला है। शीघ्र संस्था का भुगतान कराया जाएगा।
धर्मेंद्र कुलश्रेष्ठ, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी फीरोजाबाद।
मानदेय के लिए बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन
राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोईया एकता संघ के जिला उपाध्यक्ष रामगोपाल के
नेतृत्व में बड़ी संख्या में परिषदीय स्कूलों में रसोईया का काम करने वाली
महिलाएं बीएसए दफ्तर पहुंची। शिक्षा विभाग के अफसरों के खिलाफ धरना देकर
नारेबाजी की। बीएसए बालमुकुंद को दिए ज्ञापन में रुका मानदेय दिए जाने,
जिला स्तर पर ही एमडीएम की ठेकेदारी को रोके जाने, प्रत्येक माह के प्रथम
सप्ताह में मानदेय की राशि खाते में भेजे जाने की मांग की गई। साथ ही
निष्कासित महिला रसोईयों को दोबारा रखने को कहा गया। ज्ञापन देने वालों में
सुनीता, मीना देवी, अनीता देवी, भूदेवी, विमलेश, रीता, राना, हीरावती,
सत्य देवी, सीमा, मालती देवी, रोमी आदि थीं।
कंप्यूटर आपरेटरों को 16 महीने से नहीं मिला मानदेय
बीएसए कार्यालय के ब्लाक स्तरीय कंप्यूटर ऑपरेटरों को विभाग ने रख तो लिया
लेकिन 16 माह का मानदेय अभी तक नहीं मिला। भारत साक्षर मिशन योजना में
जिले में चयनित 928 शिक्षा प्रेरकों के भी मानदेय को अभी तक बजट नहीं मिला
है। उन्हें डेढ़ वर्ष से मानदेय का इंतजार है।
नगर निगम और बिजली विभाग के कर्मी भी परेशान
विद्युत विभाग में तैनात करीब 500 ठेकाकर्मी अफसरों एवं ठेकेदारों की
मनमानी व उत्पीड़न का शिकार हैं। पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि विभाग
द्वारा सितंबर में नया टेंडर कराया था, तब से अभी तक ठेकेदार ने एक माह का
भी मानदेय नहीं दिया। हर माह अफसरों को शिकायती पत्र देते हैं और ठेकेदारों
से मिन्नतें कर रहे हैं, परंतु मानदेय नहीं दिया जा रहा है। शीघ्र ही
कामबंद कर आंदोलन करेंगे।
दूसरी तरफ नगर निगम में तैनात ठेका कर्मचारी
तीन माह के बाकी मानदेय की मांग को लेकर नगर आयुक्त से मिले। कहा कि मानदेय
नहीं मिलने के कारण परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। बच्चों की फीस नहीं भरी
गई। नगर आयुक्त राम अवतार रमन ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर सभी को मानदेय
दिलाने का भरोसा दिया है।