टूंडला। जल झूलनी एकादशी के पावन अवसर पर नगर के प्राचीन शिवसमाधि मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण की डोले में विराजमान प्रतिमा के साथ गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण निकाला गया। मेला जल विहार के नाम से प्रसिद्ध इस शोभायात्रा में महिलाओं ने मंगल गीत गाए और सैकड़ों भक्तों ने नृत्य व पूजन कर भक्ति का आनंद लिया।
मेला जल विहार का शुभारंभ ठाकुरजी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मंदिर के पुजारी बसंगगिरी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ठाकुरजी की प्रतिमा को डोले में विराजित किया। शोभायात्रा में सबसे आगे गणेशजी की झांकी थी, उसके पीछे मंदिर के महंत शंकरगिरि महाराज की झांकी थी, और अंत में ठाकुरजी का डोला गाजे-बाजे के साथ चल रहा था।
शोभायात्रा दीपा का चौराहा, मुख्य बाजार, स्वामी विवेकानंद चौक होते हुए भारत माता चौक स्थित शिव मंदिर पहुंची। यहां प्रसाद वितरण के उपरांत देर रात्रि तक विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। देर रात्रि ठाकुरजी का डोला उसी मार्ग से होते हुए मंदिर पहुंचकर संपन्न हुआ। शोभायात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।