रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय अधिकारियों, आरपीएफ तथा जीआरपी में खलबली मच गई जब एक साधु अवध एक्सप्रेस की छत पर चढ़ गया। वह बार-बार ओएचई लाइन छूने की कोशिश कर रहा था। हालांकि बाद में लाइन बंद करवाकर उसे उतारा गया। वह काफी दहशत में था और बार-बार कह रहा था कि गांव के लोग उसे मार देंगे। जीआरपी ने कार्रवाई कर उसे अलीगढ़ भेज दिया।
सुबह करीब 6.53 पर गोरखपुर से बांद्रा जा रही अवध एक्सप्रेस फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची थी। साढ़े सात बजे करीब एक साधु पैंटीकार बोगी के पास पहुंचा। वह ट्रेन की बोगी की छत पर चढ़ गया। साधु को बोगी की छत पर देख यात्रियाें में हड़कंप मच गया। जीआरपी और आरपीएफ के साथ रेलवे अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। इस पर साधु ने ओएचई लाइन को पकड़ने की कोशिश करने लगा। इस दौरान यात्री भी साधु को समझाते हुए उतने को कहने लगे। इस दौरान साधु एक ही बात कह रहा था कि लोग उसे मार देंगे। बाद में कंट्रोल रूम से ओएचई लाइन बंद कराया गया। इसके बाद एक युवक ने साधु को उतार लिया। उसने अपना नाम दिनेश कुमार पुत्र शिवराज निवासी कोसमा फरुर्खाबाद बताया है।
स्टेशन मास्टर अगस्टीन मिंज ने बताया कि इस दौरान ट्रैक करीब एक घंटा बाधित रहा। ट्रेन 6.53 पर स्टेशन पर आई थी और 7.50 पर टूंडला के लिए रवाना कर दिया गया।
कोट
साधु के खिलाफ कार्रवाई करके अलीगढ़ भेजा गया था। यहां से उसको जमानत पर रिहा कर दिया गया। साधु तीन-चार दिन से शिकोहाबाद स्थित रेलवे स्टेशन पर घूम रहा था।
बिजेंद्र द्विवेदी कार्यवाहक आरपीएफ थाना प्रभारी