फिरोजाबाद (नारखी)। कासगंज सौ सैय्या अस्पताल के पास बाइक सवार कांवड़ियों पर डीजे लदी टाटा मैजिक पलटने से दो कांवड़ियां गंभीर रूप से घायल हो गए। आगरा उपचार के ले जाने के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसे की जानकारी होते ही परिजन व ग्रामीण आगरा पहुंच गए। दोनों का पोस्टमार्टम होने के बाद शव सोमवार को गांव में पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। हादसे के बाद युवक बिना कांवड़ लाए वापस लौटने को मजबूर हो गए।
थाना नारखी के खेरिया परवेंद्र बघेल (32) व श्याम वीर बघेल (18) बाइक पर सवार होकर डाक कांवड़ लेने के लिए सोरोंजी जा रहे थे। इनके साथ गांव के करीब 30 युवकों की टोली शामिल थी। शनिवार रात दस बजे परवेंद्र बघेल की बाइक जैसे ही कासगंज के सौ शैय्या अस्पताल के पास पहुंचे थे। तभी दूसरी साइड से तेज रफ्तार में आ रही डीजे से भरी टाटा मैजिक बाइक सवारों पर पलट गई। परवेंद्र एवं श्यामवीर उसके नीचे दब गए। साथी कांविड़यों ने शोर मचाया तो मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन की मदद से दोनों को टाटा मैजिक के नीचे से बाहर निकाला।
एंबुलेंस के माध्यम से दोनों उपचार के लिए कासगंज अस्पताल भिजवाया। कासगंज में दोनों की हालत गंभीर देखकर आगरा के लिए रेफर कर दिया। दोनों को आगरा लेकर पहुंचे तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत होने की जानकारी होते ही डाक कांवड़ लेने जा रहे युवक गांव वापस लौटने को मजबूर हो गए। हादसे की जानकारी होते ही मृतक परवेंद्र एवं श्यामवीर के परिजन आगरा पहुंच गए। दोनों के शवों का आगरा में पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिए। परिजन दोनों के शवों को लेकर गांव आ गए। इधर सोमवार को दोपहर बाद दोनों के शव गांव में पहुंचे तो कोहराम मच गया।
-कासगंज में सौ सैय्या अस्पताल के पास हुआ हादसा, उपचार के लिए आगरा ले जाने के दौरान तोड़ दम
एक घंटे देर से पहुंची एंबुलेंस
डांक कांवड़ लेने गए भानुप्रताप बघेल ने बताया कि हादसा होने के बाद एंबुलेंस के लिए तत्काल फोन कर दिया था, लेकिन करीब एक घंटे के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच सकी थी। इसके कारण घायल युवकों की हालत खराब हो गई। उनका आरोप है कि कासगंज अस्पताल में भी सही उपचार नहीं किया गया।
तीन वर्ष पूर्व हुई थी परवेंद्र की शादी
परवेंद्र बघेल की शादी तीन वर्ष पूर्व हुई थी। उसके पास एक वर्ष की बेटी है। युवक की मौत हो जाने के कारण पिता व भाई बिलख रहे थे। वहीं पत्नी राधा का रो-रो कर बुरा हाल था। परिवार की महिलाएं उसे ढांढस बंधा रही थीं।
चार भाइयों में तीसरे नंबर का था श्यामवीर
डाक कांवड़ लेने गया श्यामवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। श्यामवीर की मौत की खबर मिली तो उसकी मां मोहरश्री पछाड़ खाकर गिर पड़ी। इतना ही नहीं उसके भाइयों का भी रो रोकर बुरा हाल था।