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तारिषी तुम बहुत याद आओगी...

Sun, 03 Jul 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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तारिषी का फाइल फोटो
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तारिषी की तो अब बस यादें ही बाकी हैं। तारिषी के साथ गुजारे पलों को याद कर परिवारीजनों की आंखें भर आती हैं। रूंधे गले से बस एक ही बात मुख से निकलती है तारिषी तुम बहुत याद आओगी। तारिषी न केवल पढ़ाई में अव्वल थी बल्कि गेम्स में आगे बढ़ कर हिस्सा लेती थी। तारिषी को बैडमिंटन और बास्केटबाल का शौक था। रेस में उसने गोल्ड मेडल जीता था। क्लासिकल डांस वह बहुत अच्छा करती थी। भारतीय व्यंजन बनाने का उन्हें शौक था। 
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ढाका में आतंकी हमले का शिकार हुई तारिषी के चाचा-ताऊ और चचेरी बहनें सुहाग नगर कालोनी में रहती हैं। रविवार को तारिषी का पूरा परिवार शोक में डूबा था। परिवार में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का आना-जाना लगा था। परिवार की महिलाओं के बीच तारिषी के ही चर्चे थे। ईनी जैन तारिषी की मौसी भी हैं और ताई भी। उन्होंने बताया कि तारिषी का सपना एक बड़ा वकील बनने का था। इसलिए उसने ला में एडमिशन ले लिया था। तारिषी बहुत अच्छा डांस करती थी। क्लासिकल डांस तो बहुत ही अच्छा करती थी। तारिषी की चाची सरिता जैन और भावना जैन कमरे में बैठ कर टीवी पर तारिषी से जुड़ी खबरें देख रही थीं। तारिषी की हंसमुख तस्वीरों को देख उनकी आंखें भर आईं। दोनों ने कहा तारिषी के स्वभाव के बारे क्या कहा जाए इतनी हंसमुख और मिलनसार बच्ची थी कि शब्दों में कह नहीं सकते। वह विदेश में जन्मी और विदेश में पढ़ी लेकिन भारतीय संस्कार उसके अंदर कूट-कूट कर भरे थे। हर पल उसका मन हिंदुस्तान आने के लिए करता था। 

फेसबुक पर सर्च करतेे ही तारिषी की यादों में खो गईं बहनें 
कहा, दीदी बहुत स्वीट और क्यूट थीं
फीरोजाबाद। तारिषी की चचेरी बहनें ईशा जैन, ईशिका जैन, तनु जैन और सलोनी जैन फेसबुक पर तारिषी की तस्वीरों को सर्च कर रही थीं। तारिषी की तस्वीरों को सर्च करते हुए अमर उजाला से बातचीत में वह अपनी बहन (तारिषी) की यादों में खो र्गईं। सभी अपने साथ बिताए पलों को बताने लगीं। लग रहा था तारिषी से इनको कितना प्यार था और तारिषी इन्हें कितना प्यार करती थी। ईशिका ने अमर उजाला को बताया कि अमेरिकन स्कूल ढाका में आयोजित रेस में तारिषी दीदी ने गोल्ड मेडल जीता था। कालेज की हरेक एक्टिविटी में वह भाग लेती थीं। तारिषी दीदी बहुत ही स्वीट और क्यूट थीं। 
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मां को जन्मदिन पर बिहारी नाश्ता बना कर दिया था  
फीरोजाबाद। तारिषी की ताई और मौसी ईनी जैन ने बताया कि तारिषी की ननिहाल आरा पटना (बिहार) में हैं। तारिषी को मालुम था कि उसकी मां को बिहारी खाना बहुत पसंद है। इसी 24 जून को मां तूलिका जैन का जन्मदिन था। तूलिका सो कर भी नहीं उठी थी कि तारिषी ने सुबह-सुबह बर्थ डे गिफ्ट के तौर पर अपने हाथों से बनाया बिहारी नाश्ता मां को परोसा था। उन्हें इस सरप्राइज गिफ्ट की इसलिए खुशी थी कि विदेश में पढ़ने-लिखने वाली तारिषी ने अपने हाथों से भारतीय वह भी बिहारी नाश्ता तैयार किया। तूलिका इतना खुश थीं कि उन्होंने यह बात फोन पर उसी दिन मुझे (ईनी जैन) को बताई। यह बताते-बताते मौसी ईनी जैन का गला भर आया। वह बोलीं मेरी तारिषी विदेश में जरूर रहती थी लेकिन एक-एक संस्कार भारतीय था। पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने से पहले उनकी इच्छा फीरोजाबाद आने की थी। देश की माटी को स्पर्श करके अमेरिका जाने का मन था इस लिए ढाका से मात्र एक दिन के लिए अगस्त में वह यहां आई थीं उसके बाद अमेरिका गई थीं। 

नए-नए हेयर स्टाइल का शौक था 
चाची सरिता जैन ने बताया कि तारिषी को नए-नए हेयर स्टाइल का शौक था। अगस्त में एक दिन के लिए वह यहां आई थीं। उन्होंने मुझसे एक ही दिन में दो तरह की हेयर स्टाइल बनवाई और हंसते हुए पूछा कौन सी स्टाइल मुझ पर जंच रही है। 

दो जून को बर्थडे पर चाचा अजीत को किया विश
तारिषी को सबसे छोटे चाचा अजीत जैन से काफी लगाव था। दो जून को उनका जन्मदिन था। तारिषी ने फोन पर उन्हें विश किया था। चाचा अजीत यह बताते-बताते फकक-फकक कर रो पड़े। बोले बिटिया तारिषी अब तो बस यादें...ही बाकी हैं..। मैं तुम्हे बहुत मिस कर रहा हूं। वह हर जन्मदिन पर मुझे विश करती थी। मेरा जन्मदिन कभी भूलती नहीं थी। 

पैर में लगी थी चोट, घुटने का हुआ था आपरेशन 
ताई ईनी जैन ने बताया कि एक वर्ष पूर्व तारिषी के पैर में बैडमिंटन खेलने के दौरान चोट लग गई थी। इसी जनवरी माह में उनका अमेरिका में आपरेशन हुआ था। कुछ दिन उसे व्हील चेयर पर चलना पड़ा था।
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