100 नंबर पर आने वाले कॉलों की समीक्षा करते एसएसपी
क्या बताएं किस-किस तरह के फोन हमें अटेंड करने पड़ते हैं। कोई अश्लील बातें करता है कोई गाली देता है। कोई फोन में टाक टाइम डालने की बात करता है तो कोई बंद सिम चालू करने की कहता है। भद्दी मजाक करने से भी लोग बाज नहीं आते हैं। यह दर्द है उन महिला पुलिसकर्मियों का जिनकी ड्यूटी 100 डायल नंबर पर रहती है। हल पल यहां फोन की घंटी बजती है। फोन का रिसीवर उठाने से पहले डर लगता है कि कोई गंदी बात न कर दे।
किसी घटना की सूचना देने के लिए आमजन को 100 नंबर की सुविधा दी गई है लेकिन किस-किस तरह के फोन लोग करते हैं यह दर्द फोन अटैंड करने वाली महिला पुलिसकर्मियों ने बताया। कंट्रोल रूम में टेलीफोन ड्यूटी पर कार्यरत महिला पुलिसकर्मी फोन उठाते ही बोलती हैं नमस्कार पुलिस सेवा में आपका स्वागत है...। इसके जवाब में फोन करने वाला व्यक्ति गाली दे या कोई अश्लील टिप्पणी करे तो इन महिला पुलिसकर्मियों का सिर शर्म से झुक जाता है। फोन ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि साहब क्या बताएं फोन करने वाले कैसी-कैसी गंदी बात करते हैं। एक अन्य पुलिसकर्मी ने बताया कि ऐसी काल बहुत आती हैं जिसमें लोग फोन में बैलेंस डालने की बात करते हैं और बंद सिम को चालू करने की बात करते हैं। एंबुलेंस का नंबर 102 है फिर भी एंबुलेंस के लिए 100 नंबर पर काफी सूचनाएं आती हैं।
एक दिन में आती हैं 4200 काल
कंट्रोल रूम प्रभारी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 100 डायल पर एक दिन में औसत 4200 काल आती हैं। इनमें से औसत पचास काल ही काम की होती हैं। शेष सूचनाएं फाल्स होती हैं। एक-एक काल रिकार्ड की जाती है। यहां दर्ज शिकायत कंप्यूटर के माध्यम से तुरंत शिकायतकर्ता का नाम, फोन नंबर और थाना क्षेत्र अंकित कर संबंधित थाने, सर्किल के सीओ और एसएसपी के मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए भेज दिया जाता है।
100 डायल नंबर का दुरुपयोग न करें: एसएसपी
एसएसपी अशोक कुमार ने जिले की जनता से अपील की है 100 नंबर आम जनता की सुविधा के लिए हैं। इसलिए यह नंबर चार लाइन से बढ़ा कर आठ लाइन किया गया है। कंट्रोम रूम पर आने वाली हरेक काल को रिकार्ड किया जाता है। मोबाइल नंबर का पूरा डाटा रहता है। फाल्स काल और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले बच नहीं पाएंगे। छह लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई हैं। इनको हर हाल में जेल भेजा जाएगा। 100 नंबर पर लगातार की जा रही फाल्स कॉल की जांच करने एसएसपी गुरुवार को पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम पर पहुंचे। उन्होंने मामलों की जांच पड़ताल की और रिकार्ड की गई कॉलों को सुना।