टूंडला। आजादी से 75 साल बाद भी लाइनपार क्षेत्र विकास से काफी दूर है। गांव पीपरिया से थाना नगला सिंघी की दूरी करीब तीन किमी है। यह मार्ग आज तक पक्का नहीं हो सका। मार्ग में एक फीट रेत है, जिस पर वाहन नहीं चल पाते। ऐसे में वाहन चालकों को तीन फीट का रास्ता तय करने के लिए 11 फीट का रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है।
सरकारें आईं और चलीं गईं, जनप्रतिधि आते कच्चे मार्ग को डामरीकरण कराने का वादा करते और चुनाव जीतने के बाद फिर कभी लौटकर नहीं आए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव पीपरिया से थाना नगला सिंघी की दूरी महज तीन किमी है। यदि क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो कच्चा गड्ढा युक्त रास्ता होने के कारण क्षेत्रवासी 11 किमी की दूरी की तय करके फरियाद लेकर थाना नगला सिंघी पहुंचते हैं। घटना स्थल पर पुलिस को आने में भी वक़्त लगता है, तब तक घटना कर बदमाश या आरोपी फरार हो चुके होते हैं।
पिछले वर्ष गांव बजहेरा निवासी स्वर्णकार वीरेंद्र सिंह की लाइसेंसी पिस्तौल ग्वारई मोड़ पर छींनते हुए लूट की थी। थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तब तक बदमाश बाजिदपुर की ओर रफूचक्कर हो गए थे। वहीं नियामतपुर राजकीय हाईस्कूल में पढ़ने वाली छत्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल आने जाने वाली छात्राओं काे रेतीले रास्ता व बरसात के मौसम में कीचड़ से गुजरना पड़ता हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनियों से लेकर प्रशासन, सीएम हेल्पलाइन पर भी समस्या दर्ज कराई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हा़े पाई। विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन उन्होंने भी वन विभाग की जमीन होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।
इन गांवों के लोग हैं प्रभावित
इस मार्ग के डामरीकरण न होने से पीपरिया, भीकनपुर बझेरा, गार्डन, नगला राजपति, गढ़ी चेना, ठार डेका, नगला हरवंश, ठार बर, ग्वारई, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, ठार विभूति आदि गांव हैं।
-गांव गार्डन यमुना पुल से आगरा जनपद की सीमा लगी है। अराजकतत्त्व क्षेत्र में कई बार आपराधिक घटनाएं कर साफ बच निकलते हैं। यदि रास्ता सही हो जाए तो घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
होतम सिंह, ग्रामीण भीकनपुर-बझेरा
पीपरिया-नगला सिंघी मार्ग को बनाए जाने को लिखित में शिकायत दर्ज कराई हैं। प्रयासों के बावजूद कुछ नहीं हुआ। वन विभाग की मंजूरी का हवाला देकर अधिकारी हाथ खडे़ कर देते हैं।
राधेश्याम, ग्रामीण पीपरिया
कच्चा मार्ग वाला रास्ता वन विभाग की जमींन पर है। इसलिए उसे पक्का कराए जाने में कठिनाई आ रही है। विभाग से प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग उस पर सड़क बनवाने की अनुमति दे दे तो आगामी निधि से उसे पक्का कराने का प्रयाय किया जाएगा।
प्रेमपाल सिंह धनगर, विधायक टूंडला
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