पंचायती राज विभाग के कैमरे कहीं बोर्ड परीक्षा की निगरानी के दौरान धोखा न
दे जाएं, जिससे नकल रोकने की गई प्लानिंग फेल हो जाए। मैनपुरी लोकसभा उप
चुनाव के बाद पंचायती राज विभाग ने बिना ठीक कराए ही कैमरे विभाग को सौंप
दिए।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की 19 फरवरी से शुरू होने जा रही हाईस्कूल
एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं की व्यापक तैयारी डीएम विजय किरन आनंद
ने की। सेंटरों पर सघन निगरानी करने को तीसरी आंख की व्यवस्था की है। वैसे
तहसीलों व थानों पर वीडियो कैमरे हैं लेकिन परीक्षा कराने वाले माध्यमिक
शिक्षा विभाग पर कैमरे उपलब्ध नहीं है। डीएम के निर्देश पर पंचायती राज
विभाग की ओर से खरीदे गए कैमरों का प्रयोग करने को कहा है।
ग्राम पंचायतों
में प्रयोग किए इन कैमरों में अधिकांश खराब हैं। पंचायती राज विभाग की ओर
पिछले दिनों मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव के दौरान ही इन कैमरों
को दिया था। वहां से वापस आने के बाद इन्हें डीआईओएस को भेजा है। डीपीआरओ
इंद्रपाल यादव ने कहा कि परीक्षा के लिए कैमरों की डिमांड की थी। 112
कैमरों को डीआईओएस को भेजा है। मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के बाद वापस आए थे।
खराब होने पर वहीं जांच की जाएगी।