फिरोजाबाद। पुलिस भर्ती परीक्षा में एप की मदद से अभ्यर्थी व सॉल्वर का फोटो मिक्स करने की जिम्मेदारी सुरेंद्र ने ली थी। सुरेंद्र फोटो स्टूडियो चलाता है। इस फोटो स्टूडियो में वह एक एप की मदद से चेहरों को मिलाने का काम करता था। क्लोन के जरिए फर्जी आधार कार्ड भी तैयार किया था। बायोमेट्रिक मिसमैच में ये लोग संदिग्ध मिले थे। दूसरी बार बायोमेट्रिक में ये लोग खुद फंस गए। थाना मटसेना के नगला वैध निवासी निरंजन पीएसी में है और थाना नसीरपुर के खितौली निवासी अनुज सिविल पुलिस में है। दोनों ही आरक्षी हैं। निरंजन अपने भाई गणेश के स्थान पर और अनुज गणेश के दोस्त सुमित के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। इसमें पूरा खेल आरौंज के सुरेंद्र उर्फ छोटू ने तैयार किया था। उसने सभी अभ्यर्थी और सॉल्वरों के फोटो मिक्स कर दिए। जिससे प्रवेशपत्र में दोनों के चेहरे एक जैसे लगें। वहीं यह पुलिसकर्मी पूछताछ में खुद ही सवालों के जवाब तक नहीं दे सके। यह दोनों आरक्षी राजस्थान की राजधानी का नाम तक नहीं बता सके।