फिरोजाबाद में लोहड़ी मनाते लोग।
- फोटो : फिरोजाबाद में लोहड़ी मनाते लोग।
फिरोजाबाद। सुहागनगरी में सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर लोहड़ी का पर्व पारंपरिक तरीकों से मनाया गया। अग्नि जलाकर लोहड़ी पर खूब नाच गाना किया गया। शादी के बाद पहली लोहड़ी मनाने वाले लोगों के लिए यह पर्व बहुत खास रहा। उन्हें उपहार भी दिए। पारंपरिक गीत सुंदर मुंदरिये नी, हुल्ले नी माये हुल्ले... की धूम रही। स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारे में सिख समाज के लोगों ने लोहड़ी जलाकर उसमें मूंगफली, तिल, गुड़ आदि चढ़ाया। ज्ञानी कनरैल सिंह ने शबद कीर्तन कराया। बाद में ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा पर जमकर धमाल मचाया। सनातन धर्म मंदिर आर्यनगर चौक पर लोहड़ी की धूम रही। महिलाओं ने गीत गाए और नृत्य भी किया। सींकणी जलाकर महिलाओं पुरुषों एवं बच्चों द्वारा परिक्रमा करते हुए अग्नि में रेबड़ी, तिल, मक्के के फूले, मूंगफली चढ़ाई। मंदिर के महंत त्रिभुवन कुमार श्रीमाली द्वारा पवित्र अग्नि को प्रज्ज्वलित कर पारंपरिक रूप से फूले, मूंगफली, गुड़, रेबड़ी, आदि की आहुति प्रदान कर पूजा की। समिति के सचिव डॉ. श्रवण कुमार अरोरा ने पंजाब प्रांत के इस प्रसिद्ध पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व जहां एक ओर शीत ऋतु की समाप्ति का संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर गेहूं की पकी फसल देखकर किसानों का खुशी से झूम उठने का प्रतीक है।
उन्होंने इस पर्व से जुड़ी मुस्लिम लुटेरे दुल्ला भट्टी की महान गाथा के विषय में बताया। कह कि यह पर्व सांप्रदायिक सौहार्द सहित एकता का भी संदेश देता है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश, रमेश सबरवाल, विनोद अरोरा, राकेश तुली, पवन सेठी, प्रवेश भल्ला, चिरंजीव भोला, विजय भटेजा, मुकुल अरोरा आदि शामिल रहे।
बच्चूबाबा स्कूल में मनया लोहड़ी पर्व
जलेसर रोड स्थित स्वामी बच्चू बाबा सरस्वती विद्या मंदिर में लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्टाफ को मूंगफली, रेवड़ी एवं पुरस्कार वितरित किया गया। बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम में वीरा दी लोहड़ी, ढोल बजदा, गिद्दा पावा एवं हुल्ले हुल्लारे की प्रस्तुति की। स्कूल के प्रधानाचार्य आरपी सिंह ने लोहड़ी पर्व के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि यह पर्व पंजाबियों का मुख्य पर्व है, यह पंजाब में पुरानी फसल काटने तथा नई फसल बोने के कारण मनाया जाता है।