फिरोजाबाद। शैक्षिक सत्र 2018-19 में मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लगभग 45 सौ छात्रों के समक्ष आगे की पढ़ाई का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रथम सत्र की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं होने के कारण स्कूल-कॉलेज संचालक प्रशिक्षणार्थियों पर फीस जमा कराने का दबाव डाल रहे हैं।
जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स करने वाले छात्रों की संख्या लगभग 45 सौ है। गत शैक्षिक सत्र 2018-19 में प्रवेश लेने वाले इन छात्रों ने नियमानुसार प्रथम सत्र की शुल्क भरपाई व छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। प्रथम सत्र का परीक्षा परिणाम घोषित होने एवं द्वितीय सत्र में प्रवेश व पढ़ाई शुरू हो चुकी है, लेकिन शासन स्तर से एमसीए छात्रों को प्रथम सत्र की शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में शिक्षण संस्थान छात्रों पर प्रथम सत्र की फीस जमा कराने का दबाव डाल रहे हैं। इस कारण गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर छात्र द्वितीय सत्र में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं।
एमसीए प्रथम सत्र की परीक्षा में प्रथम श्रेणी के अंक प्राप्त किए हैं। अभी तक शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति नहीं मिली। प्रथम सत्र की शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिली तो आगे की पढ़ाई चौपट हो जाएगी। कॉलेज भी फीस जमा कराने को दबाव डाल रहे हैं।
योगेंद्र गौतम एमसीए छात्र (जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद)