फिरोजाबाद। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी सोमवार को सुबह से ही कार्य का बहिष्कार कर लेबर कॉलोनी स्थित बिजली कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। आंदोलन के कारण बिजली की समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। तहसील से सभी बिजलीघरों पर लेखपाल और तहसील कर्मी तैनात किए गए।
बिजली विभाग कर्मचारियों ने सोमवार को सुबह से काम ठप रखा। हालांकि संविदा कर्मचारी काम पर रहे। स्थायी कर्मचारियों ने फॉल्ट सही नहीं किए। सीयूजी नंबर पर आने वाली सूचनाओं का भी संज्ञान नहीं किया। लेबर कॉलोनी में बिजली कार्यालय पर परिसर में सुबह से शाम तक धरना दिया। एसडीएम कुमार चंद्र ज्वालिया ने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र में 12 फीडरों पर दो-दो लेखपाल तैनात किए गए थे। संविदा कर्मचारियों की मदद के लिए लेखपालों को लगाया था।
-नोट सभी के फोटो दिए हैं-
लोगों की परेशानी उनकी जुबानी
- सुभाष कॉलोनी तिलक नगर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने अपना मीटर 24 सितंबर को विद्युत विभाग में जमा किया था। इसकी लैब रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। दस दिन से चक्कर लगा रहे हैं। आज इस उम्मीद के साथ आए थे कि लैब रिपोर्ट मिल जाएगी लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से दिक्कत और बढ़ गई है।
70 हजार का बिल भेज दिया है। अधिकारियों के चक्कर लगा रहे है, लेकिन आज तक ठीक नहीं हो सका। अधीक्षण अभियंता से मिलने के आए पिछले चार दिनों से बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे है। लेकिन कर्मचारियों के आंदोलन के कारण अभी तक मुलाकात नहीं हो सकी।
राज कुमार, उपभोक्ता, नगला केवल
लॉकडाउन में काम न चलने के कारण मार्च माह से अभी तक बिल जमा नहीं कर पाए थे। आज पैसे का इंतजाम करके बिल जमा करने के लिए सुबह दस बजे आए थे। लेकिन किसी भी कर्मचारी द्वारा बिल जमा नहीं किया गया। यदि बिल जमा नहीं हुआ तो ब्याज बढ़ती जाएगी।
पंकज कुमार, उपभोक्ता, करबला निवासी
खेत पर नलकूप के लिए कनेक्शन मिल गया है। एसडीओ के हस्ताक्षर के बाद ही विद्युत विभाग से सामान मिलेगा। हड़ताल के कारण कार्य रुका हुआ है। हड़ताल के चलते एसडीओ के हस्ताक्षर भी नहीं हो पा रहे है। नलकूप चालू नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में फसल के लिए पानी मिलने की दिक्कत होगी।
रामनरेश, उपभोक्ता, नारखी क्षेत्र के नगला वंशी
कर्मचारी बोले निजीकरण का विरोध, जेल जाने को भी तैयार
फिरोजाबाद। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरुद्ध विरोध में कार्य का बहिष्कार करते हुए लेबर कालोनी स्थित बिजली घर पर धरना प्रदर्शन किया।कर्मचारियों ने हुंकार भरते हुए कहा कि निजीकरण का हर तरह विरोध करेंगे चाहे जेल क्यों न जाना पडे़।
धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता करते हुए संयोजक विश्वेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा सरकारी उपक्रमों को उद्योगपतियों के हाथों में बेचा जा रहा है। अध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा सरकार की गलत नीतियों के तहत विभाग का निजीकरण किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता एके वर्मा ने कहा कि प्रदेश में बनी राज्य विद्युत परिषद को कई टुकड़ों में विभाजित करते हुए निजीकरण के कगार पर ढकेला जा रहा है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष ई. धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने कहा निजीकरण के बाद किसानों को और महंगी बिजली मिलेगी। ई. निजामुद्दीन, ई. अहमद हुसैन ने भी विरोध किया। एके पांडेय, महेश प्रभाकर, सुमित कुमार, अनिल कुमार राठौर, एससी शर्मा, रामयज्ञ, बबलू गौतम, रंजीत सिंह, स्वतंत्र यादव, अनिल कुमार, गीतम सिंह, राजकुमार, रणवीर सिंह, जितेंद्र कुमार, अनिल कुमार मौजूद रहे। संचालन इंजीनियर अनुज भारद्वाज ने किया।