ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध मे बुधवार को ऑलइंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। दुकानदारों ने सरकार द्वारा आनलाइन फार्मेसी का कड़ा विरोध किया। दवा की दुकानें बंद रहीं। बीमारी के दर्द से कराह रहे मरीजों को दवाएं नहीं मिली तो तीमारदार दिलासा देते रहे।
द केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी दवा विक्रेता एकजुट हुए। जिला अस्पताल के सामने बैठकर दवा विक्रेताओं ने रणनीति बनाई। उसके बाद एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र पचौरी के नेतृत्व में शिकोहाबाद, मक्खनपुर, सिरसागंज, जसराना सहित कई जगहों का दौरा किया। इन क्षेत्रों में भी बंदी का पूरा असर देखने को मिला। क्षेत्रों का भ्रमण करने के बाद एकत्रित होकर दवा विक्रेताओं ने मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में देवेंद्र पचौरी, अरुण जैन, संजय गुप्ता, राजेंद्र, सुभाष दीक्षित, द्विजेंद्र यादव, दिलशाद, अंजली जैन, राकेश शर्मा, धीरज तिवारी, सुनील बंसल, पंकज बंसल, प्रियंक राजौरिया, ललित यादव, सुरेंद्र पचौरी आदि लोग उपस्थित रहे।
एका में भी दिखा बंदी का असर
एका। क्षेत्र में भी मेडिकल स्टोर की बंदी का असर दिखा। मरीज दवाओं के लिए इधर उधर भटकते रहे। दवा विक्रेताओं ने दुकान बंद रखकर विरोध व्यक्त किया। सरकार विरोधी नारे भी लगाए तो आनलाइन फार्मेसी का कड़े शब्दों में विरोध भी किया। इस दौरान रमाकांत वार्ष्णेय, राहुल वार्ष्णेय, गुड्डू, अमल कुमार, अतुल कुमार, सतीश मिश्रा, श्रीनिवास शामिल रहे।
मरीजों ने बताई पीड़ा
- सुषमा देवी ने कहा कि बच्चे को सुबह फ्रेक्चर हो गया था। डाक्टर ने उपचार के बाद दवा लिख दी लेकिन दवा कहीं नहीं मिल रही। लोगों ने बताया कि जिला अस्पताल में दवा मिल जाएगी।
- इकरार ने बताया कि उनके सात वर्षीय बच्चे को बुखार है। लेकिन दवा की दुकानें सभी बंद है। पूरे शहर में देख लिया। अभी और तलाश कर रहे हैं।
- कुसुम ने कहा कि डाक्टर तो मिले हैं, लेकिन दवा नहीं मिली। काफी मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। बेटी लवी को बुखार आ रहा है। लेकिन दवा नहीं मिल रही तो परेशानी ज्यादा हो रही है।