बालश्रम निषेध दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया
अंतर्राष्ट्रीय बालश्रम निषेध दिवस पर श्रम विभाग ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से जागरूकता रैली निकाली। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम खंजापुर में शिविर लगाकर बालश्रम से बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी दी।
बालश्रम के खिलाफ जागरूकता रैली का शुभारंभ सहायक श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने श्रमिक बस्ती ताड़ो वाली बगिया से किया। रैली में शामिल बच्चे हाथों में ‘बालश्रम को मिटाकर दिखाना है, अपने बच्चों को अफसर बनाना है तो बालश्रम बंद करो।’ ‘स्टॉप चाइल्ड लेबर, काम नहीं कलम चाहिए’ जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। रैली ताड़ो वाली बगिया, बिलाल नगर, छपरिया, दुर्गेश नगर, बगदाद नगर, मोमिन नगर होते हुए ताड़ो वाली बगिया हजीरा में हुई। एएलसी राजेश मिश्रा ने कहा कि बालश्रम रोकना सभी की जिम्मेदारी है। सोसाइटी अध्यक्ष जफर आलम ने कहा कि मलिन बस्तियों में बच्चे बालश्रम कर रहे हैं। इससे उनके जीवन को खतरा है। रैली में श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसपी पांडे, विक्टर जॉन, मुख्तार आलम, सुहेल अब्बास, शारिक जहीर, फिरदौस अंजुम, अफजाल, पप्पू, इमरान आदि शामिल रहे।
इधर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम खंजापुर में आयोजित शिविर में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत देव ने कहा कि शिक्षित नागरिक ही मजबूत भारत की नींव रख सकता है। अत: सभी ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें। न्यायधिकारी रमेश कुशवाहा ने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम करना दंडनीय अपराध है। प्राधिकरण सचिव अर्चना यादव ने कहा कि गरीबी और जानकारी के अभाव में लोग बच्चों को बालश्रम की ओर धकेलते हैं। एएलसी राजेश मिश्रा ने कहा कि कम आयु में बालश्रम करने से बाल श्रमिकों के शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संचालन लोक नागरिक कल्याण समिति के सचिव सतेंद्र जैन सॉली ने किया। इस दौरान प्रधान राजपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।