फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की गौतम बुद्ध नगर इकाई और जिले की थाना एका पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज कार्रवाई में कई जनपदों में फैले नकली और मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट टैंकरों के माध्यम से मिलावटी (सब-स्टैंडर्ड) डीजल और पेट्रोल की सप्लाई पेट्रोल पंपों पर कर रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के वाहन खराब हो रहे थे और उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा था।
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि 14 नवंबर को एसटीएफ उप निरीक्षक सनत कुमार की टीम ने मुखबिर की सूचना पर एका थाना पुलिस के साथ क्षेत्र के चंद्रा फिलिंग स्टेशन पर घेराबंदी की। पूर्ति विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर टीम ने सप्लाई देते समय एक टैंकर को पकड़ा और मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें मास्टरमाइंड कन्हैया लाल वार्ष्णेय, निवासी सासनी गेट, अलीगढ़, टैंकर चालक पवन गिरी निवासी रंगपुर, थाना सलेमपुर, बुलंदशहर, सद्दाम निवासी वीजा कॉलोनी, बुलंदशहर, चंद्र विजय निवासी जेडा, थाना एका (पेट्रोल पंप संचालक) और सर्वेश कुमार निवासी रसीदपुर सहसवान, थाना ज़ाकिर नगर, बदायूं शामिल हैं। इन सभी को सुसंगत धाराओं में एसटीएफ की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे में पाबंद करते हुए कोर्ट में पेश किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त पवन और सद्दाम पर अन्य जिलों में भी मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उनके संगठित गिरोह का हिस्सा होने की पुष्टि होती है।
यह सामान बरामद किया
पुलिस ने टैंकर से 8000 लीटर अधोमानक पेट्रोलियम पदार्थ जब्त किया। साथ ही, नकद 56,100 रुपे, जो पवन को भुगतान किया जाना था, मोटा प्लास्टिक पाइप और अन्य उपकरण भी बरामद किए।
गिरोह में सबके बंटे थे अलग-अलग काम
पुलिस के अनुसार अलीगढ़ के सासनी गेट इलाके का रहने वाला कन्हैया लाल इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। इसकी अलीगढ़ में पराग पेंट एंड केमिकल्स कंपनी है, वहीं से इस पूरे खेल का संचालन होता है। इसके अलावा टैंकर संचालक पवन गिरी, जो कि मिलावटी तेल का प्रमुख सप्लायर है। चंद्र विजय, इसका एका में जेडा क्षेत्र में चंद्रा फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोप पंप है, यह वाहन चालकों को मिलावटी ईंधन बेचता था। सर्वेश कुमार, कन्हैया लाल की कंपनी का मैनेजर है। सद्दाम टैंकर हेल्पर है। यह टैंकर को पंपों तक पहुंचाने का काम करता है।
65 रुपये में बनाकर 84 रुपये में बेच रहे थे
एसटीएफ की पूछताछ में मास्टरमाइंड कन्हैया लाल ने खुलासा किया कि वह ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अपनी अलीगढ़ स्थित फैक्ट्री में ही यह मिलावटी तेल तैयार करता था। कन्हैया लाल ने माना कि वह पेट्रोल/डीजल में अन्य पेट्रोलियम पदार्थों को मिलाकर डेन्सिटी (घनत्व) कम-ज्यादा करता था, जिससे उत्पादन लागत मात्र 60-65 रुपये प्रति लीटर आती थी।
वह इसे पवन गिरी को 70-75 रुपये में बेचता था। पवन गिरी इसे चंद्र विजय जैसे लालची पंप संचालकों को ऊंचे दामों पर बेचता था, जो इसे ग्राहकों को मार्केट रेट पर बेचकर दोहरा मुनाफा कमाते थे। कन्हैया लाल ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उसके दिए गए माल के कारण कई ग्राहकों की शिकायतें आईं कि उनके वाहन सीज हो गए, भारी धुआं दे रहे हैं, या अब चलने की स्थिति में नहीं हैं।