फिरोजाबाद। कृषि एवं आवासीय क्षेत्र में जमीन खरीद के दौरान कम स्टांप लगाने वालों को शासन ने राहत दी है। इस तरह के मामलों में खरीदार महज सौ रुपये का जुर्माना अदा कर वाद को खत्म करा सकते हैं। यह प्रक्रिया अप्रैल माह तक चलेगी।
जिले में भूमि क्रय से जुडे़ लगभग 255 मामलों में खरीदारों ने निबंधन शुल्क बचाने के प्रयास में निर्धारित स्टांप ड्यूटी की जगह कम स्टांप लगा कर शासन को राजस्व की हानि पहुंचानेे की कोशिश की। सभी के खिलाफ जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद विचाराधीन हैं।
नियमानुसार इस तरह का कृत्य करने वालों में स्टांप शुल्क की भरपाई, उस पर लगने वाले ब्याज के अतिरिक्त भारी जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। शासन ने हाल ही में जारी समाधान योजना के तहत प्रतिवादियों को राहत देने की कोशिश की है। स्टांप कम लगाने के मामले में न्यायालीय मुकदमा का सामना कर रहे प्रतिवादी महज सौ रुपये का जुर्माना अदा कर अपने वाद समाप्त कर सकता हैं।
हालांकि उन्हें तत्काल शेष धनराशि का स्टांप एवं देय ब्याज का भुगतान भी सुनिश्चित कराना होगा। एआईजी स्टांप आरपी सिंह के अनुसार उक्त समाधान योजना का लाभ अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह तक प्राप्त किया जा सकता है।
बैंक में जमा कराया जा सकता है पंजीकरण
भूमि की रजिस्ट्री के दौरान पंजीकरण शुल्क भुगतान नियमावली में परिर्वतन किया गया है। खरीदार अपनी सुविधा के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक शाखा में निर्धारित पंजीकरण शुल्क जमा करा सकते हैं। ई-स्टांप प्रक्रिया शुरू होने के बाद शासन ने पंजीकरण शुल्क नगद जमा कराने संबंधी नियम में परिर्वतन कर दिया।