सपा उम्मीदवार के नामांकन के दौरान अनुमति से अधिक व्यक्ति पहुंचे।
नामांकन में शनिवार को प्रशासन सत्ताधारी दल पर मेहरबान दिखा। भाजपा-बसपा उम्मीदवारों को तीसरे ही बैरियर से आगे नामांकन करने पांच से अधिक नहीं जाने दिया। वहीं, सपा उम्मीदवार के साथ आठ लोग पहुंचे। मुख्यालय के बाहर प्रथम बैरियर पर सपाई डेरा डाले रहे। प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
सिविल लाइंस स्थित मुख्यालय पर नामांकन करने सपा के उम्मीदवार अजीम भाई पहुंचे तो उनके साथ तीसरे बैरियर के बाद आठ लोग प्रवेश कर गए। अजीम भाई, सांसद अक्षय यादव, जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव, प्रदेश सचिव राजनरायन गुप्ता मुन्ना, पूर्व चेयरमैन राकेश दिवाकर, एमएलसी डा. दिलीप यादव, विन्नी मित्तल, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू तीनो बैरियरों को पार करते हुए नामांकन के कक्ष के बाहर पहुंचे। बैरियर पर जांच को लगे पुलिस फोर्स के जवानों ने तलाशी तक भी लेना उचित नहीं समझा। नामांकन दाखिल करने के बाद जब बाहर निकले तो संख्या और बढ़ गई। उनके साथ डीजीसी नीरज यादव एडवोकेट, पूर्व डीजीसी व कई सपा नेता थे। नामांकन करने के बाद गाड़ियों में सवार होकर कार्यालय की ओर निकले तो भीड़ के कारण हाईवे जाम हो गया। प्रथम बैरियर पर ही तैनात सीओ शिकोहाबाद वीके तिवारी ने कहा कि विधायक हरिओम यादव समेत सपाई को रोका था। अंदर पांच लोग को ही जाने दिया है। नामांकन व्यवस्था के प्रभारी एवं नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव ने कहा कि आयोग के निर्देश हैं कि नामांकन कक्ष के अंदर पांच लोगों से अधिक प्रवेश नहीं होना चाहिए। उसका पालन किया है। कक्ष के बाहर तो कितने भी आए जाएं उसमें कोई रोक नहीं है। भाजपा के जुलूस को दीवानी चौराहे पर रोकने पर कहा कि कानून व्यवस्था बनाने को ऐसा किया। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव ने कहा कि हमनें पूरी तरह से चुनाव आचार संहिता का पालन किया है। नामांकन कक्ष के अंदर उम्मीदवार सहित पांच ही लोग थे, शेष कार्यकर्ता बाहर थे।