फिरोजाबाद। समाजवादी पार्टी पंचायत चुनाव में अपने ही गढ़ में ढेर हो गई। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हाथ से फिसलने के बाद आखिर ब्लॉक प्रमुख चुनाव में पार्टी को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी द्वारा घोषित दो उम्मीदवार चुनाव हार गए। हाथवंत में जरूर सपा के साथ हमेशा खड़े रहने वाले पूर्व अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुरेशचंद्र यादव ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीता है। पार्टी ने उनके प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा नहीं की थी। जबकि मदनपुर ब्लॉक में सिरसागंज विधायक हरिओम यादव अपना दबदबा कायम रखने में सफल रहे हैं।
फिरोजाबाद को समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। क्योंकि सपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव एवं राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव का यह चुनावी क्षेत्र है। यादव बाहुल्य वोटरों वाले इस जिले में भाजपा इतनी बुरी तरह से पटखनी देगी इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। पिछले चुनाव में यदि देखें तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सिरसागंज विधायक हरिओम यादव के बेटे विजय उर्फ छोटू यादव ने जीत हासिल की थी।
नौ ब्लॉक प्रमुख में सभी पर सपा ने कब्जा जमाया था, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के साथ सिरसागंज विधायक हरिओम यादव सपा से चुनने के बाद प्रसपा की ओर झुकाव के चलता पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया था। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सिरसागंज विधायक हरिओम यादव के धुर विरोधी पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह एक साथ खड़े हुए तो जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीत लिया। इसी जुगलबंदी का परिणाम रहा कि फिरोजाबाद जिले में सपा ने फिरोजाबाद से डॉ. इंद्रपाल गुर्जर, शिकोहाबाद से रूबी यादव को प्रत्याशी घोषित करने के बाद किसी को प्रमुख नहीं बना सकी।
वहीं भाजपा ने एका, नारखी एवं टूंडला ब्लॉक से निर्विरोध चुनाव जीता वहीं फिरोजाबाद, अरांव, जसराना, शिकोहाबाद में मतदान कराने के बाद जीत हासिल की। मदनपुर ब्लॉक में सिरसागंज क्षेत्र के विधायक के परिजनों को प्रमुख बनने का मौका भाजपा ने दिया। भाजपा ने मदनपुर एवं जसराना ब्लॉक में कोई प्रत्याशी नहीं बनाया था। सपा अपने ही गढ़ में इस तरह से ढेर हो जाएगी इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। पार्टी के अंदर भी इस चुनाव में मिली हार को लेकर मंथन चल रहा है।