फिरोजाबाद। जिले के छह हजार बुजुर्गों के बैंक एकाउंट में सात माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन पेंशन की धनराशि नहीं पहुंच सकी। गरीब परिवारों के बुजुर्ग कभी बैंक तो कभी जिला मुख्यालय विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। विभागीय स्टाफ शीघ्र ही पेंशन आने का आश्वासन देकर लौट रहे हैं। क्या विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे।
प्रदेश सरकार की ओर से साठ वर्ष से अधिक आयु के गरीब तबके के बुजुर्गों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। जिले में करीब 67 हजार लाभार्थियों के खातों में पेंशन की धनराशि भेजी जाती है। नए वित्तीय वर्ष के लिए आवेदन करने वाले छह हजार आवेदकों को उम्मीद थी कि दिवाली से पूर्व उनके बैंक खाते में पेंशन की धनराशि आ जाएगी। लेकिन दिवाली निकल गई उनके खातों में अभी तक पेंशन की धनराशि नहीं आ सकी। बेचारे बुजुर्ग कभी बैंक तो कभी समाज कल्याण विभाग के दबरई चक्कर लगाने को मजबूर है। इनकी संख्या एक दो नहीं बल्कि पूरी छह हजार है। जिनके खातों मेेें अभी तक पेंशन की धनराशि नहीं पहुंच सकी है।
पेंशन को आवेदन करने वाले सुहागनगर निवासी राजेंद्र सिंह का कहना है कि आवेदन तो 2023 में कर दिया था। लेकिन 2024 के दस माह बीत गए लेकिन अभी तक पेंशन की धनराशि नहीं आ सकी है। वीरमती देवी भी पेंशन नहीं आने के कारण परेशान दिखाई दीं। उनका कहना था कि विभाग के लोग पेंशन शीघ्र ही आने की बात कहकर लौटा देते हैं। इसके कारण वह बैरंग लौटने को मजबूर है।
595 आवेदन तहसीलों एवं ब्लॉकों में लंबित
फिरोजाबाद। वृद्धावस्था पेंशन को आवेदन करने वाले 595 आवेदकों के आवेदन पत्र अभी तक तहसीलों एवं ब्लाॅकों में जांच के नाम पर ही अटके हुए हैं। इस तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। आवेदकों को घर पर टीम के आने का इंतजार है। संवाद
-जिले से 72 हजार वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की स्वीकृति करके शासन को भेज दी है। 67 हजार के बैंक खातों में पेंशन की धनराशि की दूसरी किस्त आ गई है। करीब छह हजार लोगों की अटकी हुई है, इसका निस्तारण लखनऊ स्तर पर ही होगा।
सूर्य कुमार मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी