फिरोजाबाद। रसूलपुर थाना क्षेत्र नैनी ग्लास चौराहा स्थित किट कैट रेस्तरां के बेसमेंट में पुलिस ने साइबर शातिरों द्वारा संचालित किए जा रहे साइबर ठगी के अड्डे का राजफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह सरगना सहित 9 आरोपी फरार हैं। महाराष्ट्र के एक युवक के साथ हुई ठगी की जांच के क्रम में पुलिस के हाथ यह गिरोह लगा है। गिरफ्तार आरोपियों में पांच युवती और एक युवक शामिल है।
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पिछले दिनों महाराष्ट्र पुलिस की ओर से वहां के एक युवक के साथ ट्रेड माई वर्ल्ड के जरिये ट्रेडिंग का झांसा लेकर शेयर और एमसीएक्स में पैसा निवेश कराकर ठगी की गई थी। महाराष्ट्र पुलिस की ओर से मिली सूचना पर साइबर सेल इस मामले में काम कर रही थी। बुधवार को गिरोह का कार्यालय नैनी ग्लास चौराहा किट कैट रेस्तरां के बेसमेंट में संचालित होने की सूचना मुखबिर से मिली। इस पर थाना रसूलपुर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और थाना साइबर सेल इंस्पेक्टर राजेश सिंह टीम लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने मौके से हसनैन निवासी मक्का कालोनी, रामगढ़, इलमा निवासी रसूलपुर टंकी हरिजन कॉलोनी, सिमरा निवासी हुसैनी मोहल्ला थाना रसूलपुर, अनम निवासी हाजीपुरा, रसूलपुर, कशिश निवासी गली-7 गालिब नगर, और अजरीननिवासी नाले की पुलिया, थाना दक्षिण को गिरफ्तार किया। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करते हुए कोर्ट में पेश किया गया और वहां से रिमांड मंजूर होने पर जेल भेज दिया है।
शुरुआत में देते थे लाभ, फिर डकार जाते थे रकम
फर्जी कॉल सेंटर चलाकर निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना अरमान है। पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड अरमान निवासी आकाशवाणी रोड,रामगढ़ और उसके दो भाईयों सहित सहित नौ आरोपी आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए सभी छह युवक और युवतियां इस फर्जी कॉल सेंटर में कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये लोग आम जनता से नाम बदल-बदलकर बात करते थे। उन्हें ट्रेडिंग (शेयर या अन्य बाजार) में निवेश करने का झांसा देते थे। मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते थे। शुरुआत में निवेशकों को लुभाने के लिए एक या दो बार लाभ दिलाते थे। जब निवेशक बड़ी रकम लगा देता था, तो ये लोग उनका पूरा पैसा हड़प कर जाते थे।
यह हुई बरामदी
6 मोबाइल, हायरिंग पम्पलेट करीब 500, एक पीएनटी फोन, 8 डायरी, 4 नोटबुक, 1 चैक एचडीएफसी बैंक, 1 पास बुक एचडीएफसी बैंक, 6 सिम कार्ड, मोबाइल नंबरों का डाटा सादा छपे पेज 100 इनके पास से बरामद हुए हैं।